
मुंगेली। शहर के मध्य में नवनिर्मित नवग्रह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपूर्ण विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच की गई।
मंदिर में राजस्थान से नवग्रह के नौ रंगों के अनुसार ज्योर्तिलिंग स्वरुप नौ प्रतिमाओं का निर्माण का प्रतिष्ठा किया गया। इस अवसर पर भंडारा में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया गया। छत्तीसगढ़ में नवग्रह का यह पहला मंदिर है। मंदिर में नवग्रह की प्राण प्रतिष्ठा पं. नीरज भूषण मिश्र, पं. विवेक मिश्रा, पं. सन्नी पांडेय ने विधि पूर्वक वेदी पूजन, नवग्रह पूजन आदि कर किया। मंत्रोच्चार के साथ मुख्य यजमान पं. संतोष कुमार पाठक एवं पुष्पादेवी पाठक ने पूजन कार्यक्रम सम्पन्न कराया। जलाधिवास, अन्नाधिवास द्वारा नवनिर्मित लिंग का पूजन किया गया। वेदी पूजन, 9 ग्रहों सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू, केतु की विधिवत् स्थापना की गई। मंदिर में भी अक्षांश, देशांश, वास्तु शास्त्र सहित सभी दिशाओं और कोणों का ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य कराया गया एवं उस अनुसार लिंगों की स्थापना की गई है। मंदिर में 9 गुंबज हैं, जो एक-एक ग्रह के प्रतीक हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों के लिए ग्रह शांति, नक्षत्र शांति, राशि शांति कराना है।
रात में लोरमी के भक्त मंडल द्वारा शानदार संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसका आनंद लोग देर रात तक उठाते रहे। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व संध्या शोभायात्रा निकाली गई जो परिसर से प्रारंभ होकर पुलपारा होते हुए पाठक निवास पहुंची। इसके बाद शोभायात्रा निकाली गई जिसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र आदिवासियों की कर्मा टोली गीत व नृत्य करते हुए चल रही थी, आयोजन को सफल बनाने में दिनेश पाठक, रमेश पाठक, प्रमोद पाठक, शैलेष पाठक, अनिल सोनी, प्रकाशचंद्र जैन, दुर्गालाल गोयल, सावित्री सोनी,प्रमिला चौरसिया, विजयलक्ष्मी शर्मा, साधना पांडेय सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।