महासमुंद। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद की प्राचार्य डा. ज्योति पांडेय के निर्देशानुसार वाणिज्य संकाय में सात जून से 17 जून तक प्रतिदिन प्रातः आठ से 11 बजे तक दस दिवसीय वैल्यू ऐडेड कोर्स का आयोजन किया गया।
कोर्स का विषय कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग एंड टैक्स मैनेजमेंट रहा। कोर्स के समापन समारोह में प्रभारी प्राचार्य डा ईपी चेलक विभागाध्यक्ष वनस्पति शास्त्र, अजय कुमार राजा विभागाध्यक्ष वाणिज्य संकाय, एस पाल प्रशिक्षक, राजेश्वरी सोनी, मनबोध चौहान, मनीषा बेहरा और 50 पंजीकृत छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
प्रभारी प्राचार्य डा. चेलक ने कहा कि वैल्यू ऐडेड कोर्स का महत्व है कि छात्र-छात्राएं व्यक्तित्व विकास के द्वारा अपने व्यवहार और अपने कार्य शैली में परिवर्तन लाकर अपने भविष्य को सुरक्षित एवं सुदृढ बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आप अपना उद्देश्य तय करें तथा प्रबंधन की शुरुआत अपने घर से करते हुए अपनी सोचने की क्षमता को बढ़ाएं और तर्क करने की क्षमता को विकसित करें ताकि तर्क का विश्लेषण आपके शिक्षक कर सके और आपको उचित मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।
वर्तमान में छात्र-छात्राएं नौकरी की तलाश में भटकते रहते हैं उन्होंने कहा की नौकरी मांगने वाले ना बने बल्कि नौकरी देने वाला बने, उन्होंने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि किस प्रकार से योजना बनाकर हम कार्य किया करते थे। उन्होंने न्यू एजुकेशन पालिसी और कंप्यूटर अकाउंट के समयोजन को विस्तार से समझाया। विभागाध्यक्ष वाणिज्य अजय कुमार राजा ने कहा कि दस दिवस के कोर्स में जो आपने सीखा है उसे आप आगे बढ़ाएं व अधिक जानने व सीखने का प्रयास करें, सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखें क्योंकि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है।
कार्य करने का तरीका सही होना चाहिए। जीएसटी की शिक्षा से आप अपना रोजगार तय कर सकते हैं, टेली की शिक्षा से आप अपना ऑफिस कार्य कर सकते हैं , उन्होंने नेट और सेट की परीक्षा की महत्ता पर भी फोकस करते हुए छात्र छात्राओं को भविष्य में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि छात्र छात्राओं के लिए भविष्य में भी ऐसे अनेक कोर्स आयोजित किए जाएंगे जिसमें पूर्व छात्र छात्राएं भी सम्मिलित हो सकेंगे।
राजेश्वरी सोनी सहायक प्राध्यापक ने कहा कि व्यापार-व्यवसाय वाणिज्य हजारों वर्षों से निरंतर चलित प्रक्रिया है और इस प्रक्रिया में उत्तरोत्तर उन्नाति हो रही है वर्तमान समय में हम फोन, लैपटॉप ,कंप्यूटर आदि के जरिए जानकारी प्राप्त करके कम समय में सही निर्णय लेते हैं और व्यापार को नुकसान से बचाते हैं साथ ही साथ अधिक लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
रिसोर्स परसन एस पाल ने 10 दिन का प्रशिक्षण कोर्स बहुत ही आनंददायक रहा छात्र छात्राओं सेउन्हें पूरा सपोर्ट मिला और आगे भी महाविद्यालय में अपनी सेवा अवश्य देंगे। फीडबैक देते हुए छात्रा शीतल साहू कहा कि इस कार्यशाला से जीएसटी के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त हुई। धन्यवाद ज्ञापन मनबोध चौहान सहायक प्राध्यापक वाणिज्य के द्वारा दिया गया।