
महासमुंद (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के 14 अप्रैल से लाकडाउन है। कोरोना के चलते लाकडाउन में पूरा कारोबार बंद है। ऐसे में स्वाभिमानी गरीब, दिहाड़ी कारोबारी, मजदूरों को दो वक्त की रोटी जुटाने चिंता सताने लगी। इस बीच सब्जी के फेरी लगाकर व्यवसाय को प्रशासन ने अनुमति दी। जानकारी मिलते ही सुभाष नगर निवासी होटल कारोबारी पार्वती साहू ने सब्जी बेचने का निर्णय लिया। पार्वती का एसडीएम कार्यालय के बाजू छोटा सा ठेलानुमा होटल है। जहां फरियादी चाय नाश्ता करते हैं। लाकडाउन में कारोबार बंद होने से होटल के ठेले में सब्जी रखकर पार्वती अब सब्जी विक्रेता बन गई है। इससे दिहाड़ी मजदूरी निकल जा रही है।
इसी तरह नयापारा निवासी आटो चालक कासिम ने अपने आटो को सब्जी ठेला बनाया है। तराजू बाट और हरी सब्जी लेकर कासिम आटो चलाते शहर की गलियों में निकलता है। उसने सब्जी ले लो का साउंड रिकार्ड कर रखा है, जो गलियों में बजता है और लोग घर से निकलकर सब्जी खरीदते हैं। कासिम ने बताया कि इससे आटो का डीजल खर्च, लोन की रकम और थोड़ी मजदूरी निकल जा रही है। उन्होंने बताया कि लाकडाउन होने से आटो लोन का किश्त चुकाने की चिंता जताई। जब सब्जी फेरी की अनुमति मिलने की जानकारी हुई तब सब्जी बेचने की सूझी। अब किश्त अदायगी के लिए रकम है।
व्यवसाय बदलने से जिंदगी की गाड़ी आसानी से चल रही है। परिवार के लोगों के पेट भरने और वाहन की किस्त पटाने की चिंता नहीं रही। आपदा काल ने कई लोगों को अवसर दिया है नई राह चुनने का ।