महासमुंद LPG स्कैम: डेढ़ करोड़ के गैस गबन मामले में खाद्य अधिकारी और भाजपा नेता सहित तीन दबोचे
Mahasamund LPG scam: जांच में फर्जी दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन के जरिए गैस बेचने का बड़ा नेटवर्क सामने आया।
Publish Date: Sun, 10 May 2026 08:12:12 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 08:12:12 AM (IST)
बायें से क्रमश: आरोपित अजय यादव, मनीष चौधरी और पंकज चंद्राकर।HighLights
- खाद्य अधिकारी अजय यादव मुख्य आरोपित बताए
- 100 टन से ज्यादा एलपीजी गायब करने का आरोप
- फर्जी पंचनामा और सुपुर्दनामा बनाकर गैस बेची गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। महासमुंद जिले में एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर तथा रायपुर निवासी मनीष चौधरी को गिरफ्तार किया। यह मामला करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है, जिसका खुलासा मार्च महीने में हुआ था।
100 टन से अधिक गैस गायब करने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में एलपीजी गैस से भरे छह कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। इन ट्रकों में 100 टन से अधिक गैस भरी हुई थी। जब्त गैस को सुरक्षित रखने और सुपुर्दनामा की प्रक्रिया के दौरान ही गैस गायब करने की साजिश रची गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपितों ने फर्जी दस्तावेज, पंचनामा और सुपुर्दनामा तैयार कर गैस को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को मुख्य आरोपित माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिस अधिकारी पर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने पूरे षड्यंत्र को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। गुप्त बैठक में बनी गैस बेचने की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, 23 मार्च को अजय यादव और पंकज चंद्राकर के बीच पहली गुप्त बैठक हुई थी। इसी बैठक में गैस बेचने की रणनीति तैयार की गई। रायपुर निवासी मनीष चौधरी को गैस खपाने के लिए अलग-अलग एजेंसियों से संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी गई।
26 मार्च को गैस बेचने का सौदा रायपुर की ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स से करीब 80 लाख रुपये में तय हुआ। तय रकम में 50 लाख रुपये अजय यादव, 20 लाख रुपये पंकज चंद्राकर और 10 लाख रुपये मनीष चौधरी को मिलने थे। पुलिस के मुताबिक, रकम को छिपाने के लिए अलग-अलग खातों में सुरक्षा राशि के नाम पर लेन-देन किया गया।