
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। एक ओर देशभर में पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर प्रधानमंत्री की अपील पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव और केदार कश्यप, लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर महासमुंद में पदस्थ एक डिप्टी कलेक्टर के रोजाना चार (वार्नर, पायलट, अधिकारी का सरकारी वाहन व फॉलो गार्ड) सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार बीते कुछ वर्षों से लगातार महासमुंद में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा प्रतिदिन रायपुर से महासमुंद तक सरकारी वाहनों के काफिले के साथ आना-जाना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ चार सरकारी गाड़ियां नियमित रूप से चल रही हैं।
ऐसे समय में जब जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
महासमुंद नगर सहित आसपास के पेट्रोल पंपों में इन दिनों ईंधन लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। आम नागरिकों का कहना है कि जब सरकार स्वयं ईंधन बचत और खर्च में कटौती की बात कर रही है, तब अधिकारियों को भी इसका पालन करना चाहिए।
लोगों का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों को जनता के सामने सादगी और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि आखिर एक डिप्टी कलेक्टर के लिए प्रतिदिन चार सरकारी वाहनों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
नागरिक व सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र चंद्राकर का कहना है कि आशीष कर्मा को शासन व प्रशासन ने मुख्यालय में नहीं रहने की छूट कैसे दे दी। महासमुंद पुलिस सक्षम है और उन्हें रायपुर जैसी सुरक्षा महासमुंद में दी जा सकती है, जबकि हर दिन आवाजाही असुरक्षित है।
बावजूद वे मुख्यालय में नहीं रहकर प्रतिदिन रायपुर आना-जाना कर रहे हैं। इसमें काफिले के वाहनों का बड़ा खर्च हो रहा है। यह पद व जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग है; अधिकारी महासमुंद में ही रहें, यह व्यवस्था होनी चाहिए।
कलेक्टर महासमुंद, विनय कुमार लंगेह ने इस मामले में कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, लोग अनावश्यक भंडारण न करें। डिप्टी कलेक्टर तेजपाल ध्रुव प्रभारी खाद्य अधिकारी के चार्ज पर हैं। डिप्टी कलेक्टर कर्मा को सुरक्षा कारणों से वाहन मिले हैं, उनके वाहनों की संख्या कम की जाएगी।