
महासमुंद (ब्यूरो)। रेलवे दोहरीकरण प्रभावितों से कुछ एजेंट मुआवजे के एवज में रुपए वसूलने में लगे हैं। दोहरीकरण से प्रभावित हो रहे लोगों के अनुसार कई प्रभावित प्रथम किश्त की मुआवजा राशि मिलने के बाद एजेंट को 5 से 10 हजार रुपए दे भी चुके हैं। मुआवजा की दूसरी किश्त के लिए अब फिर एजेंट द्वारा लोगों से रुपए मांगे जाने पर वसूली की जानकारी बाहर आने लगी है।
रेलवे दोहरीकरण से प्रभावित परिवार के सदस्य दीपक साहू, रेखा वर्मा, चैतू यादव, राजू सोनी आदि ने बताया कि रेलवे द्वारा मुआवजे की राशि उनके बैंक खातों में भेजी गई है। यह राशि कुल मुआवजा राशि की आधी है। जिसे पहली किश्त बताकर भेजा गया है। राशि खातों में पहुंचने के बाद कुछ लोग उनके घर आए। इन लोगों ने स्वयं को रेलवे डिविजन का अधिकारी बताया और मुआवजे की राशि प्राप्त होने की जानकारी ली। इसके बाद रुपए की मांग की। लोगों का कहना है कि कथित अधिकारियों ने 5 से 10 हजार रुपए देने की मांग की। कुछ लोगों ने पैसे दे भी दिए तथा कुछ ने बहानेबाजी कर टाल दिया। जिनसे राशि नहीं मिली उनके पास ऐसे तथाकथित रेलवे अधिकारी बार-बार पहुंच रहे हैं और रुपए की मांग कर रहे हैं। नागरिकों ने यह भी बताया कि रुपए नहीं देने की एवज में मुआवजे की दूसरी किश्त रोकने की धमकी दी जा रही है।
इस संबंध में सुजीत दास, डीजीएम रेल विकास निगम लिमिटेड, रायपुर ने बताया कि रेल विकास निगम से किसी भी अधिकारी को इस तरह की वसूली के लिए नहीं भेजा गया है। यदि ऐसी वसूली हो रही है तो यह गैर कानूनी है। लोग ऐसे वसूलीबाजों के झांसे में नहीं आएं। मुआवजे के एवज में या अन्य किसी भी प्रकार से वसूली के लिए कोई व्यक्ति आए तो तुरंत पुलिस को सूचना देकर इनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराएं।