महासमुंद (ब्यूरो)। जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लोगों के अनुसार ट्रेन पर सफर करते हुए लोग जब महासमुंद पहुंचते हैं और स्टेशन के माहौल और सुविधाओं को देखते हैं तो महासमुंद स्टेशन उन्हें जिला मुख्यालय का नहीं बल्कि कस्बाई स्टेशन लगता। यात्रियों और कारोबारियों के लिए स्टेशन में आवश्यक सुविधाएं नहीं है जिसके चलते काफी परेशानी होती है।

शहर के कारोबारियों के अनुसार ट्रेन की पूरी बोगी बुक कर सामान मंगाने पर रेलवे गुड्स यार्ड की वजह से सामान शहर तक पहुंचती है। चावल, बारदाना, खाद, नमक आदि बड़े कारोबारी व सरकारी एजेंसी गुड्स बोगी में बुक कर मंगा लेते हैं। लेकिन मध्यम कारोबारियों को दिल्ली, गुजरात, मुंबई, कोलकाता आदि से सामान बुक कराकर महासमुंद मंगवाने में दिक्कत है। यहां एक्सप्रेस ट्रेन में लोडिंग और अनलोडिंग की अनुमति नहीं है। जिससे दिल्ली से कोई सामान पार्सल कराने पर यह पहले रायपुर में उतरता है। बाद अपने साधन से कारोबारी इसे महासमुंद ला पाते हैं। हालांकि पैसेंजर ट्रेन में लोडिंग-अनलोडिंग की सुविधा है।

एक्सप्रेस ट्रेनों से सीधे नहीं पहुंचता सामानः चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष शंभू साहू का कहना है कि महासमुंद स्टेशन में अभनपुर, राजिम के कारोबारियों के चावल, नमक, बारदाने, खाद लोड-अनलोड होते हैं। रेल मंडल को माल परिवहन से यहां बड़ा लाभ है। बावजूद सुविधाओं पर ध्यान नहीं है। दिल्ली से कोई सामान महासमुंद के लिए बुक करने पर एक्सप्रेस ट्रेनों से यह रायपुर तक पहुंचता है। बाद पैसेंजर ट्रेन से महासमुंद आता है। इसमें समय की बर्बादी होती है।

दो नंबर प्लेटफार्म पर शेड नहीं: युवा चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष श्रेयांश चोपड़ा का कहना है कि दो नंबर प्लेटफार्म पर शेड नहीं है। इसकी लंबाई भी अधिक है। आमतौर पर एक्सप्रेस ट्रेनें इसी प्लेटफार्म पर रूकती है। जिससे यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। लोग दो नंबर प्लेटफार्म से सीढ़ी चढ़ते हुए एक नंबर प्लेटफार्म पर आते हैं। होता है। सामान ले जाने ट्रालियां नहीं है। पेयजल, इंक्वायरी जैसी सुविधाएं नहीं है।

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