
महासमुंद (ब्यूरो)। जिला मुख्यालय महासमुंद के सभी ब्लॉकों से होकर नेशनल हाइवे गुजरी है, इसके चलते यहां देह व्यापार का कारोबार बखौफ फल-फूल रहा है। सबकुछ जानते हुए भी इस अवैधानिक काम को छूट देने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठने लगी है। जानकार सूत्रों के अनुसार महासमुंद जिला मुख्यालय में ही अनेक स्थानों पर खुलेआम जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है। इसकी जानकारी पुलिस के जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारियों को है, बावजूद इसे रोकने कार्रवाई नहीं की जाती है। सूत्रों का दावा है कि इस अनैतिक कारोबार में कुछ अफसर भी संलिप्त हैं, जिनका परिवार शहर से बाहर राजधानी अथवा अन्य शहरों में रहता है।
पुलिस के जवान भी संलिप्त
पुलिस के कुछ जवान भी जिस्मफरोशी के इन अड्डों पर लुकते-छिपते जाते हैं। बावजूद समाज के नवयुवकों को गंदगी में ढकेलने वाले इस कारोबार पर अंकुश लगाने के बजाय कानून के रखवाले ही इसमें संलिप्त हो जाते हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर दलदली रोड , नयापारा और सुभाष नगर के नागरिकों ने बताया कि इन क्षेत्रों में कुछ घरों में देह व्यापार चलाया जा रहा है। पुलिस को सूचित करने पर छापामार कार्रवाई करने के पहले ही युवतियों और महिलाओं को अलर्ट कर भगा दिया जाता है। बाद सूचित करने वाले को झूठी सूचना देने का आरोप लगाकर डांट-फटकार लगाते हैं। इससे अब लोग पुलिस को सूचित करने से भी कतराने लगे हैं।
दलदली रोड के रहवासी परेशान
दलदली रोड में खुलेआम चलने वाले जिस्मफरोशी के धंधे से आसपास के रहवासी परेशानी हैं। कई बार पुलिस को सूचना दी गई। बावजूद कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। इसके चलते नागरिकों का पुलिस से विश्वास उठ चुका है। जिम्मेदार बड़े अफसर इस मसले पर पुख्ता सूचना देने पर कार्रवाई करने की बात करते हैं। नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाता है तो वे मैदानी अमले को कार्रवाई करने का निर्देश देते हैं। इस बीच छापामार कार्रवाई करने के पूर्व संबंधित अड्डों को अलर्ट कर दिया जाता है। इस तरह पुलिस की मिलीभगत से चल रहे अड्डों पर धर-पकड़ नहीं हो पाती है।
तुमगांव क्षेत्र में लंबे अर्से से चल रहे अड्डे
दो दिन पहले तुमगांव में हुई धरपकड़ की कार्रवाई के संबंध में बताया जाता है कि ये अड्डे भी लंबे अर्से से चल रहे थे। कारोबार संचालित करने वालों के द्वारा पुलिस द्वारा चाही गई मोटी रकम की पूर्ति नहीं करने पर कार्रवाई की गई। वह भी आरोपियों के फर्जी नाम से कार्रवाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा रही है। जिन नामों के आरोपी पुलिस ने बनाया है। महासमुंद के इन वार्डों में इस नाम के युवक ही नहीं है।
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