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महासमुंद में आवारा कुत्ते चारों ओर पर अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी, नगर पालिका उदासीन, उठे सवाल

महासमुंद जिले में आवारा कुत्तों के आतंक से लोग सहमे हुए हैं, वहीं पशु औषधालय और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म हो गई है। वैक्सीन न मिल...और पढ़ें

By Ashutosh Kumar SharmaEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 10:16:00 AM (IST)Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 10:17:42 AM (IST)
महासमुंद में आवारा कुत्ते चारों ओर पर अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी, नगर पालिका उदासीन, उठे सवाल
महासमुंद में आवारा आतंक और एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी से जुड़ी प्रतीकात्मक एआई तस्वीर।

HighLights

  1. महासमुंद में बढ़ा आवारा कुत्तों का आतंक
  2. पशु चिकित्सालय में एंटी रैबीज टीके नदारद
  3. नगर पालिका की अनदेखी से बढ़ी मुश्किलें

नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आम नागरिकों का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों तक घूम रहे खूंखार और घुमंतू कुत्ते आए दिन राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं। जिले में डॉग बाइट की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

इस समस्या के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल देने वाली एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। पशु औषधालय में पिछले एक महीने से जीवन रक्षक एंटी रैबीज वैक्सीन पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

बाहर से खरीदने की दे रहे सलाह

स्थिति इतनी दयनीय है कि जब पशुपालक अपने घायल मवेशियों या पालतू पशुओं को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, तो उन्हें स्पष्ट रूप से बाहर से वैक्सीन खरीदने की सलाह दी जा रही है। झलप निवासी जॉन ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि कुत्ता काटने की बढ़ती घटनाओं के बीच लोगों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर एंटी रैबीज वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है। सरकारी अस्पतालों में टीका उपलब्ध न होने के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।


उप स्वास्थ्य केंद्राें में भी पड़ा अकाल

हालत केवल पशु औषधालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एंटी रैबीज वैक्सीन का भारी अकाल पड़ा है। मरीजों को छोटे केंद्रों से सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल की ओर भगाया जा रहा है।

मांगपत्र भेजा है

महीने भर से एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई नहीं हुई है। मांगपत्र भेजा गया है।

- डा. अंजना नायडू, उप संचालक पशु चिकित्सा

कमी नहीं है

एंटी रैबीज वैक्सीन अस्पतालों में उपलब्ध है। किसी किसी अस्पतालों में कम ज्यादा हो सकता है, पर कमी नहीं है।

डा. आई नागेश्वर राव, सीएमएचओ- महासमुंद

कुत्ते पकड़ने पर पालिका का फोकस नहीं

घुमंतू आवारा खूंखार कुत्तों से आमजन भयभीत है। ये राह चलते लोगो को काट लेते हैं। कुत्तों के बधियाकरण के लिये पालिका से अरसे से प्रयास नहीं हुआ। आवारा कुत्तों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने पर भी काम नहीं हो रहा है, वहीं कुत्तों को पकड़कर बाहर निर्जन क्षेत्र में छोड़ने पर भी पालिका का ध्यान नहीं है।