
नईदुनिया न्यूज, मुंगेली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक स्थल हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचकर प्राचीन रामाश्रय एवं गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में आयोजित कन्या पूजन में शामिल हुए और श्रद्धापूर्वक कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद कन्या भोज में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री साय ने पुरातत्व विभाग द्वारा स्थापित मंदिर संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित पुरातात्विक धरोहरों और ऐतिहासिक अवशेषों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मदकूद्वीप में इतिहास, आस्था और प्रकृति का संगम है।
ऐसी धरोहरें नई पीढ़ी को प्रदेश की संस्कृति और गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण एवं संवर्धन को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने वाली अमूल्य निधि हैं।
मुंगेली जिले में स्थित मदकू द्वीप आध्यात्म और पौराणिक इतिहास से भरा हुआ एक ऐसा क्षेत्र है, जो पर्यटन की दृष्टि से लोगों के मन को आनंदित करता है। साथ ही साथ मदकू द्वीप में प्राकृतिक सुंदरता के साथ प्रकृति से प्राप्त होने वाली कुछ अनमोल जड़ी बूटियां और पेड़ पौधे भी उपलब्ध है। जिनका वर्णन आयुर्वेद चिकित्सा में बहुत महत्वपूर्ण है।
यहां का अष्टभुजी गणेश का मंदिर, आठवीं शताब्दी का मंदिर है, जो पुरातत्व विभाग की खुदाई से मिला है। इसी प्रकार 12 शिवलिंग, 2 ज्योतिर्लिंग को दर्शाते हैं। ये लगभग 10 वीं शताब्दी का है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि मदकू द्वीप ऋषि की तपोस्थली है। जहां भारत के राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ के साथ सत्यमेव जयते लिखा हुआ है।
उसकी संकल्पना मडूक ऋषि ने मदकू द्वीप में ही की थी। इस द्वीप में प्राकृतिक औषधियों के पेड़ और पौधे बहुतायत में पाए जाते हैं। कुछ विशेष प्रकार के पेड़ जो प्रकृति का संतुलन और बचाने में मदद करते हैं। यहां पर आसानी से मिल जाते हैं। वरुण का पेड़ हरा भरा रहता है। जसकी पत्तियां कभी भी नहीं सूखती है, और इसकी पत्तियां थायराइड जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करती है।