
Mungeli News: मुंगेली(नईदुनिया न्यूज)। प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन मिशन योजना मुंगेली जिले में सफेद हाथी सिद्ध हो रही है। केवल कागजों में ग्रमीणों को शुद्ध जल पीने को मिल रहा है। जबकि हकीकत इससे कोसों दूर हैं। भर्राकुंडा के ग्रामीण पानी की आस लगाए बैठे हैं।
करही के आश्रित ग्राम भर्राकुंडा में जल जीवन मिशन योजना के तहत दो वर्ष पूर्व पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाई गई है। जो आजपर्यंत शुरू नहीं हुआ है । जबकि करही पंचायत में ही मुंगेली जिला मुख्यालय है, जहां जिले भर के आला अधिकारी बैठते हैं । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुदूर अंचल के ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन योजना की हालत कैसी होगी। ज्ञात हो कि मुंगेली के अंतर्गत ग्राम पंचायत करही के आश्रित ग्राम भर्राकुंडा में जल जीवन मिशन योजना के तहत एकल नल जल योजना कार्य के लिए राज्य शासन से 28.77 लाख रुपये राशि की प्रशासनिक स्वीकृति मिली था। निर्माण एजेंसी आरबी इंफ्रा.रायपुर द्वारा पानी टंकी से पानी सप्लाई के लिए पाइप लाइन और प्रत्येक घर के सामने पानी के लिए कनेक्शन दिया गया इसे भी स्टिमेट के आधार पर नही बनाया गया। लोगों ने बताया कि गुणवत्ता पर कहीं ध्यान नहीं रखा गया है। अमृत जल जीवन मिशन योजना के तहत प्रत्येक घरों में गरीब परिवार को घर तक शुद्ध जल पहुचाने के लिए यह योजना संचलित शुरू की गई है है इसके लाभ से ग्रामीण वंचित हैं। जिले के प्रभारी मंत्री एवं पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार के विभाग होने के बाद भी जिले के जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं है। इस संबंध में गांव की मुन्नीबाई बाई पति बेदराम (55) ने बताया कि गांव में घर के पास नल है ,इसमें आज तक पानी शुरू नहीं हुआ है। एक साल पूर्व पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाया गया है। उन्हें तालाब के पानी से निस्तारी करना पड़ रहा है। गांव की बदन बाई पति स्व. दसरू (65) ने बताया कि गांव में घर के सामने टंकी और पाइप बिछाई गई है। दो तीन दिन चलने के बाद बंद है ।पीने के पानी के लिए दूसरे के घर दूर से पानी लाती है।मजबूरी में तालाब का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इस संबंध में वस्तुस्थिति जानने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी कार्यपालन अभियंता के आईपी मंडावी से कोशिश की गई तो उन्होंने फोन तक रिसीव तक नहीं किया।
पंचायत को नहीं सौंपा गया
सरपंच संतोष यादव ने बताया कि पीएचई विभाग मुंगेली द्वारा आज तक काम पूर्ण कर पंचायत को नहीं सौंपा गया है।