यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महामाया मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित
आदि शक्ति महामाया मंदिर व आसपास ग्रामीण क्षेत्र की देवी मंदिरों में शक्ति भक्ति आराधना का पर्व के अवसर पर शुभ मुहूर्त में मनोकामना घी,तेल एवं ज्योत जव...और पढ़ें
By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Wed, 10 Apr 2024 12:23:54 AM (IST)Updated Date: Wed, 10 Apr 2024 12:23:54 AM (IST)
HighLights
- चैत्र प्रतिपदा के साथ नौ दिवसीय आराधना शुरू
- मदिरों में श्रद्धालुओं की लगी कतार
- घट के साथ मनोकामना ज्योतिकलश की गई प्रज्वलित
नईदुनिया न्यूज, सरगांव । आदि शक्ति महामाया मंदिर व आसपास ग्रामीण क्षेत्र की देवी मंदिरों में शक्ति भक्ति आराधना का पर्व के अवसर पर शुभ मुहूर्त में मनोकामना घी,तेल एवं ज्योत जवारा ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। नवरात्र के नौ दिनों के नौ स्वरूपों में शैलपुत्री की प्रथम दिन पूजा अर्चना की गई।
इसी प्रकार ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा,कुष्मांडा,स्कंदमाता, कात्यायनी,कालरात्रि,महागौरी,व सिद्धिदात्री देवी की पूजा की जाएगी। नवरात्र में श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रहकर मां जगत जननी जगदम्बे की पूरी श्रद्धा से पूजा शुरू कर दिए हैं। राम सप्ताह चौक स्थित प्राचीन मंदिर में मां धुमेश्वरी देवी की पूजा अर्चना कर मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित की गई है। वार्ड क्रमांक 14 में स्थित मां मानसा मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश के साथ सर्व कार्य सिद्धि के लिए पाठ किया जा रहा है। इसी प्रकार मोहभट्ठा, धूमा,नगपुरा,बारगांव खजरी आदि गांवों में भी मां दुर्गा की साधना आराधना की जा रही है।आदि शक्ति महामाया मंदिर में तेल ज्योति कलश 280 एवं घी के ज्योति कलश 23 प्रज्वलित किए गए हैं।
पथरिया में नवरात्र की आराधना शुरू
पथरिया। चैत्र नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में घट स्थापना के साथ मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्वलित की गई। चोरभट्टी महामाया मंदिर में देवी भागवत में श्रद्धालु जुटे। महामाया मंदिर में सोलह वर्षीय आचार्य प़ं युवराज तिवारी ने देवी भागवत में माता की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा सृष्टि में मां की महिमा अनंत है। मां सर्जक और पालक ही नहीं प्रथम गुरु भी मां ही होती है। मां है तो ममता है, प्यार है। मां से ही सृष्टि का विकास और विस्तार है। उन्होंने कहा जगत जननी की आराधना से पुण्य फल तय है। नगर की देवी मंदिरों में सुबह ज्योति कलश यात्रा के साथ कही भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा के प्रारंभ में भगवान श्रीकृष्ण एवं जामवंत की कथा के साथ प्रारंभ में नवरात्र में नौ देवियों एवं उपवास के महत्व के बारे में बताय गया। महामाया पथरिया चोर भट्टी एवं आगर नदी तट के दुर्गा मंदिर ज्योतिकलश प्रज्वलित किए गए। महामाया में 309 मनोकामना ज्योतिकलश, 21जंवारा ज्योतिकलश, 17 घृत ज्योतिकलश एवं ग्रामीणों द्वारा चार ज्योतिकलश की स्थापना की गई। वहीं चोरभट्टी मंदिर में 275 दुर्गा मंदिर अगर तट में 24 मनोकामना ज्योतिकलश प्रज्वलित किए गए। अगर नदी दुर्गा मंदिर के व्यवस्थापक ने बताया मंदिर में प्रतिदिन विभिन्न टोलियों द्वारा जसगीत की सेवा की जा रही है।