छत्तीसगढ़ में यहां शुरू हुई नाश्ता योजना: स्कूली बच्चों को पोहा-फलीदाना, उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली का वितरण
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए एक ऐतिहासिक निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया ग...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 04:27:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 04:29:39 PM (IST)
मंत्री केदार कश्यप व टंक राम वर्मा बच्चों को नाश्ता वितरित करते हुए। डीपीआरHighLights
- विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर
- मंत्रियों ने बच्चों को अपने हाथों से परोसा
- संतुलित मेन्यू से सुधरेगी नौनिहालों की सेहत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और वनाच्छादित नारायणपुर जिले में बच्चों के सुनहरे भविष्य की इबारत लिखी जा रही है। अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले नारायणपुर में जिला प्रशासन और शासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना की आधारशिला रखी है। अभियान के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे बच्चों को कुपोषण के अभिशाप से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से विशेष पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम का भी श्रीगणेश किया गया है।
इस पहल का लोकार्पण छत्तीसगढ़ शासन के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।
476 विद्यालयों में लागू हुआ संतुलित मीनू
यह योजना नारायणपुर और दुर्गम ओरछा यानी अबूझमाड़ विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इससे लगभग 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के अंर्तगत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता मुहैया कराया जाता है। बच्चों की शारीरिक वृद्धि और स्वाद दोनों का बारीकी से ध्यान रखते हुए सप्ताह के हर दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है। इस पौष्टिक आहार सूची में पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे भरपूर प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है, जो बच्चों की ऊर्जा और मानसिक विकास में मददगार साबित होंगे।
रसोइयों के मानदेय में वृद्धि से बढ़ा उत्साह
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू और मजबूत बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे लोगों का भी पूरा ख्याल रखा गया है। भोजन और नाश्ता तैयार करने की व्यवस्था को मजबूती देने हेतु जिले के कुल 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय देने का सराहनीय निर्णय लिया गया है। इस वित्तीय प्रोत्साहन से रसोई कर्मियों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है, जिससे वे और अधिक लगन व स्वच्छता के साथ बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में जुटे हैं।