
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के बीहड़ अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग के दौरान माओवादियों के विस्फोटक डंप का पर्दाफाश किया है। नारायणपुर जिला पुलिस बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 29वीं वाहिनी के संयुक्त दल ने भटबेड़ा के जंगलों में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए कुल सात घातक आईईडी बरामद किए। इनमें छह प्रेशर कुकर बम और एक पाइप बम शामिल हैं। सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी से गश्ती दल को निशाना बनाने की माओवादियों की बड़ी साजिश समय रहते विफल हो गई।
यह संयुक्त अभियान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, आईटीबीपी 29वीं वाहिनी के कमांडेंट अभिषेक सूद और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा के कुशल नेतृत्व में संचालित किया गया। रायनार सुरक्षा शिविर से जवानों की टुकड़ी मकसोली और भटबेड़ा क्षेत्र में गश्त व तलाशी के लिए रवाना हुई थी। सघन तलाशी के दौरान जवानों को जंगल में छिपाकर रखी गई संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। तकनीकी जांच के बाद वहां भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाए जाने की पुष्टि हुई।
जंगल में छिपाए गए डंप से केवल तैयार बम ही नहीं, बल्कि विस्फोटक तैयार करने में प्रयुक्त होने वाली निर्माण सामग्री और उपकरण भी मिले हैं। जब्त सामग्री में एक विद्युत मापक यंत्र (मल्टीमीटर), पेचकस, सोल्डरिंग वायर, सोल्डरिंग आयरन तथा वाहन खोलने की तीन चाबियां शामिल हैं।
विस्फोटक मिलने के बाद सहायक उप निरीक्षक मोहन के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए विशेषज्ञों ने सभी छह प्रेशर कुकर बमों और एक पाइप बम को नियंत्रित विस्फोट के जरिए मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।