
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़। एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर ने धरमजयगढ़ के एसडीएम कार्यालय के एक बाबू को एक लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोपित ने पकड़े जाने के भय से रुपयों को अपने सरकारी आवास के पीछे फेंक दिया था। रुपये बरामद कर आरोपित पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। ग्राम अमलीटिकरा तहसील धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ निवासी राजू कुमार यादव द्वारा एसीबी इकाई बिलासपुर में इसकी शिकायत की गई थी कि उसने अपने नाम पर ग्राम अमली टिकरा में एक जमीन खरीदी की थी।
उक्त जमीन का रजिस्ट्री उपरांत नामांतरण भी उसके नाम पर हो चुका है। एसडीएम कार्यालय धरमजयगढ़ के बाबू अनिल कुमार चेलक द्वारा उसे बुलाकर यह कहा गया था, जिस जमीन को वह खरीदा है वह गलत तरीके से रजिस्ट्री हुई है, जिसके संबंध में उसके खिलाफ और विक्रेता के खिलाफ एक शिकायत हुई है। जिसके बारे में अनावेदक ने उसे बाद में बुलाने पर मिलने को कहा।
22.12.25 को अनावेदक द्वारा उसे मिलने के लिए बुलाया गया, जिस पर वह 23.12.25 को पीड़ित से जाकर मिला तो अनावेदक बाबू अनिल चेलक द्वारा उससे शिकायत को नस्तीबद्ध करने के बदले में 2 लाख रुपए की मांग की जा रही है, वही पीड़ित बाबू अनिल चेलक को रिश्वत में 2 लाख रुपये नहीं देना चाहता बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए पकड़वाना चाहता है।
शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई तथा सत्यापन के दौरान प्रथम किश्त में 1 लाख रुपए लेने हेतु सहमति आरोपी अनिल चेलक द्वारा दी गई, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। जहां प्रार्थी द्वारा व्यवस्था की गई राशि 1 लाख रुपए को आरोपित को देने उसके धरमजयगढ़ स्थित शासकीय आवास में भेजा गया।
रिश्वत की राशि 100000 रुपए को बाबू अनिल चेलक द्वारा अपने हाथ में लेने के बाद कुछ संदेह होने पर तुरंत आवास का दरवाजा बंद कर लिया गया और दरवाजा नहीं खोला गया। लगातार प्रयास के बाद एसीबी टीम द्वारा दरवाजे को जोर से धक्का देने पर अंततः दरवाजा खुल गया ।आवास में आरोपित के मिलने पर पहले वह रकम के बारे में कुछ नहीं बताया, सख्ती से पूछताछ करने पर 1 लाख रुपये को उसके अपने आवास के पीछे के दीवार के पीछे तरफ बैग में डालकर फेंकना बताया।
बहरहाल अनिल कुमार चेलक के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपित रिश्वतखोर बाबू के विरुद्ध विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही की गई है।
एसीबी की दबिश और प्रार्थी से लिए गए रकम को लेकर आरोपित बाबू को कई तरह की आशंका सताया। उसे कुछ अनहोनी होने का भय सताया। ऐसे में उसके द्वारा तत्काल माजरे को भांपते हुए अपने सरकारी आवास के अंदर घुसकर बंद कर लिया। और रकम से भरे अपने घर के पीछे फेंक दिया हालांकि बैग को फेंकते हुए एसीबी की टीम ने देखा भी। तत्पश्चात उसके भागने से पूर्व ही दरवाजा को फिल्म की तर्ज पर धक्का देकर अंदर प्रवेश किए।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एसीबी के द्वारा लगातार छेड़े जा रहे व्यापक ट्रैप अभियान के तारतम्य में नए वर्ष 2026 की शुरुआत में रायगढ़ से किया गया। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। अधिकारी कर्मचारी सकते में आ गए हैं। वहीं बीते वर्ष 2025 में 9 कार्रवाई एसीबी ने की थी यह वह कार्रवाई है जिसमें प्रार्थी हिम्मत दिखाते है औऱ भ्र्ष्टाचारियों पर नकेल कसवाते हैं।