छत्तीसगढ़ वित्त मंत्री के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप, प्राचार्य पर भड़के छात्र नेता
रायगढ़ के केजी कॉलेज में भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन में हुई चूक पर भाजयुमो नेता ने कलेक्टर व प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा है।
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 07:31:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 07:31:04 PM (IST)
प्राचार्य पर विद्यार्थियों को धमकाने का भी लगाया आरोपHighLights
- रायगढ़ के केजी कॉलेज में राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान गायन में चूक।
- भाजयुमो नेता शशांक पाण्डेय ने कलेक्टर और प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन।
- प्राचार्य पर विद्यार्थियों को चेतावनी देने और गरिमा आहत करने का आरोप।
नईदुनिया प्रतिनिधि,रायगढ़: शासकीय किरोड़ीमल कला एवं विज्ञान महाविद्यालय (केजी कॉलेज) में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत, राज्यगीत और राष्ट्रगान के गायन में कथित चूक का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। दो नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी के दौरान हुई इस कथित अव्यवस्था को लेकर भाजयुमो छत्तीसगढ़ के सदस्य एवं बिलासपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शशांक पाण्डेय ने मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने तीन नवंबर को कलेक्टर और महाविद्यालय के प्राचार्य आनंद शर्मा को अलग-अलग आवेदन सौंपकर मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। कलेक्टर को दिए आवेदन में शशांक पाण्डेय ने उल्लेख किया है कि भूमि पूजन कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रगीत का गायन आधा हुआ था। मंत्री के निर्देश पर इसमें सुधार कराया गया।
उनका आरोप है कि राष्ट्रगीत, राज्यगीत और राष्ट्रगान के गायन का क्रम भी सही नहीं था। इस संबंध में उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ही प्राचार्य को सार्वजनिक रूप से अवगत कराया, लेकिन प्राचार्य ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
आवेदन के अनुसार इसके बाद उन्होंने प्राचार्य से दोबारा मुलाकात कर सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आग्रह किया, लेकिन प्राचार्य ने इसके लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर निर्धारित मानकों के अनुरूप गायन कराया जाएगा।
पाण्डेय ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन से जुड़े निर्धारित मानकों की जानकारी प्राचार्य को दिलाई जाए और उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।
प्राचार्य पर विद्यार्थियों को चेतावनी देने का आरोप
प्राचार्य को दिए दूसरे आवेदन में शशांक पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि मंत्री के कार्यक्रम से जाने के बाद प्राचार्य ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और युवाओं के बीच उनकी नेतागिरी खत्म करने की चेतावनी दी। इस पर उन्होंने प्राचार्य को अपनी नेतागिरी समाप्त करने की चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वंदे मातरम् के सम्मान के लिए उनकी नेतागिरी खत्म होती है तो वे आजीवन इसके लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मंच से कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे महाविद्यालय की वर्तमान और पूर्व की गरिमा आहत हुई है। पूर्व छात्र होने के नाते उन्होंने इसे व्यक्तिगत रूप से दुखद बताया है। आवेदन के माध्यम से कार्यक्रम में हुई त्रुटियों की जिम्मेदारी लेने और राष्ट्रगीत, राज्यगीत व राष्ट्रगान के सम्मान का आग्रह किया गया है।
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