
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: रायगढ़ वनमंडल के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत चारमार गांव के समीप सोमवार को एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घायल हाथी के एक पैर में गहरी चोट आई है तथा शरीर से रक्तस्राव होने की जानकारी सामने आई है। सूचना मिलते ही वनमंडल के साथ ही रात में बिलासपुर से सीसीएफ मनोज पांडेय कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डा. पीके चंदन को लेकर घटना स्थल के लिए रवाना हुए।
दल में छह हाथी थे और पटरी पार कर रहे थे। उसी समय एक मालगाड़ी गुजर रही थी। हाथियों के दल को देखकर मालगाड़ी के चालक ने जोर-जोर से हार्न दिया। जिसे सुनकर पांच हाथी तो ट्रैक पार करने में सफल हो गए लेकिन, एक चपेट में आ गया। हादसे के बाद घायल हाथी रेलवे ट्रैक के आसपास ही मौजूद रहा, जबकि उसके साथ पांच अन्य हाथियों का दल भी क्षेत्र में डटा हुआ है। हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे, चूंकि हाथी का दल उसी क्षेत्र में है जिसके चलते वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन अमला भी मौके पर पहुंच गया। लेकिन, दल को देखकर नजदीक जाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा है। केवल घायल हाथी की निगरानी की जा रही है। वनमंडलाधिकारी ने इस घटना की जानकारी और स्थिति से बिलासपुर में सीसीएफ मनोज पांडेय को अवगत कराया। उन्होंने निगरानी करने और स्थानीय स्तर पर उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डा. पीके चंदन को लेकर बिलासपुर से रायगढ़ के लिए रवाना हुए। डा. चंदन उपचार व रेस्क्यू दोनों के विशेषज्ञ है। वहीं, हाथियों के झुंड के आसपास मौजूद रहने के कारण रेस्क्यू और उपचार कार्य चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
हाथियों के आक्रामक होने का खतरा
रायगढ़ वनमंडल की टीम तो मौके पर पहुंच गई है। लेकिन, जंगल हाथियों को लेकर चिंतित है। यहीं वजह है कि अधिकारी लोगों से अपील कर घटनास्थल के पास भीड़ न लगाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। जंगली हाथियों का व्यवहार किसी भी समय आक्रामक हो सकता है।
छह माह में 10 हाथी शावकों की मौत, बढ़ी चिंता
रायगढ़ व धर्मजयगढ़ दोनो वन मंडल में पिछले छह माह के दौरान करीब 10 हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। ऐसे में चारमार के पास मालगाड़ी की चपेट में आए हाथी की घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हाथी अवयस्क प्रतीत हो रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि वन विभाग की जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। लगातार हो रही हाथियों की मौतें मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेल मार्गों पर वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही हैं।
वर्जन-
घटना हुई है। हाथी घायल है, जिसे देखते हुए वन्य प्राणी चिकित्सक डा. पीके चंदन को साथ लेकर मैं स्वंय रात में ही बिलासपुर से घटनास्थल के लिए रवाना हुआ हूं। अभी तक मिली प्रारंभिक सूचना के अनुसार हाथी के पिछले हिस्से में गंभीर चोट है, जिसके कारण वह रेलवे ट्रैक के किनारे गिर गया है। रायगढ़ वनमंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही विस्तृत जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। मनोज पांडेय सीसीएफ, बिलासपुर वनवृत्त