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रायगढ़ में सरकारी योजना का झांसा देकर लाखों का फ्रॉड, 92 महिलाओं से ठगे 1.66 लाख रुपये

रायगढ़ के उच्चभिट्ठी रोड स्थित आकृति सिलाई सेंटर में काम करने वाली 92 महिलाओं से सिलाई मशीन और 15 हजार रुपये सहायता राशि दिलाने के नाम पर 1.66 लाख रुप...और पढ़ें

By VISHWANATH RAYEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:58:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:58:04 PM (IST)
रायगढ़ में सरकारी योजना का झांसा देकर लाखों का फ्रॉड, 92 महिलाओं से ठगे 1.66 लाख रुपये

HighLights

  1. 550 रुपये से शुरू हुआ झांसा, 92 महिलाओं से 1.66 लाख की ठगी का आरोप
  2. फर्जी NGO के नाम पर रायगढ़ में बड़ा फर्जीवाड़ा, सिलाई मशीन और 15 हजार सहायता राशि के नाम पर ठगी
  3. फर्जी नाम बताकर चूना लगाने वाली आरोपी महिला पर BNS धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज, जांच शुरू

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़: सिलाई सीखकर आत्मनिर्भर बनने की उम्मीद लगाए बैठीं 92 महिलाओं को एक महिला ने सरकारी योजना का झांसा देकर ठगी का शिकार बना दिया। पहले 550 रुपये फॉर्म फीस और फिर 1500 रुपये जमा कराने के नाम पर रकम ली गई। इसके बाद शासन से 15 हजार रुपये की सहायता राशि के साथ सिलाई मशीन दिलाने का भरोसा दिया गया। महिलाओं ने कई किश्तों में करीब 1 लाख 66 हजार रुपये जमा भी कर दिए, लेकिन महीनों बाद न मशीन पहुंची और न पैसा वापस मिला।

दरअसल उच्चभिट्ठी रोड स्थित आकृति सिलाई सेंटर से जुड़ा है। छोटे मुड़पार, थाना डभरा, जिला सक्ती निवासी श्वेता साहू यहां सिलाई का काम करती हैं। उनके साथ करीब 92 महिलाएं भी कार्यरत हैं। शिकायत के मुताबिक 10 दिसंबर 2025 को इशीता विश्वकर्मा नाम की महिला सेंटर पहुंची और खुद को एनजीओ से जुड़ा बताया।


उसने महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देने तथा मुख्यमंत्री योजना के तहत मशीन उपलब्ध कराने की बात कही। उसके बताए अनुसार मशीन के लिए 550 रुपये फॉर्म फीस और 1500 रुपये जमा करने थे। दावा किया गया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की ओर से 15 हजार रुपये की सहायता राशि के साथ सिलाई मशीन दी जाएगी।

फर्जी एनजीओ का झांसा

सरकारी योजना और एनजीओ का नाम सामने आने से महिलाएं उसके झांसे में आ गईं। सेंटर की महिलाओं को दो समूहों में बांटकर राशि जुटाई गई। एक समूह में करीब 45-47 और दूसरे में 47 महिलाएं थीं। शुरुआत में प्रत्येक महिला से 260 रुपये नकद लिए गए।

92 महिलाओं से 1.66 लाख की वसूली

अधिक काम होने की बात कहते हुए ऑनलाइन रकम भेजने के लिए कहा गया। शिकायत के अनुसार एक समूह से करीब 70 हजार और दूसरे से करीब 96 हजार रुपये जमा किए गए। इनमें कुछ महिलाओं ने सीधे ऑनलाइन भुगतान भी किया। इस तरह कुल रकम करीब 1.66 लाख रुपये बताई गई है।

दस्तावेज मांगने पर खुली पोल

रकम जमा होने के बाद महिलाएं मशीन मिलने का इंतजार करती रहीं। जब उन्होंने जानकारी मांगी तो हर बार अलग-अलग वजह बताकर मामला टालने का आरोप है। समय बीतता गया, लेकिन न मशीन मिली और न जमा रकम लौटाई गई। इसके बाद महिलाओं ने संबंधित महिला से एनजीओ और योजना की वैधता से जुड़े दस्तावेज मांगे। शिकायत में आरोप है कि इस पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया है कि संबंधित महिला के आधार कार्ड में ईशु घसिया नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

आखिरकार श्वेता साहू ने कोतरारोड थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। अब पुलिस ऑनलाइन भुगतान की जानकारी, रकम जिन मोबाइल नंबरों पर भेजी गई उनकी पड़ताल, संबंधित महिला की पहचान तथा कथित एनजीओ और योजना से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।