रायगढ़ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेल विभाग के अंर्तगत कार्य करने वाले रनिंग कर्मचारियों द्वारा सयुंक्त रूप से रायगढ़ स्टेशन में मौजूद लाबी के सामने भूखे रहकर धरना प्रदर्शन करते हुए हक की मांगों को लेकर लामबंद हो गए। वही जो आंदोलन में नही थे वे ट्रेन में ही विरोध की पट्टी लगाकर भूखे रहकर परिचालन किए है।
रेल कर्मचारियों के आंदोलन में रेलवे में विभिन्न विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने निजीकरण से लेकर निगमीकरण, कोरोना से मृत कर्मचारियों को 50 लाख रुपये मुआवजा के रूप क्षतिपूर्ति देने की प्रमुख मांगे थी । कर्मचारियों ने तय कार्यक्रम के मुताबिक रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर मौजूद क्रू लाबी के बाहर 10 विभिन्ना मांगों को लेकर रेल्वे स्टेशन में उग्र धरना प्रदर्शन करते रहे । यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे से आरंभ होकर दोपहर एक बजे तक चला जिमसें सम्बंधित अधिकारियों से चर्चा 2 घन्टा तक बंद कमरे में चर्चा उपरांत आंदोलन को समाप्त किया गया। इस दौरान स्टेशन परिसर में नारेबाजी से गहमागहमी का माहौल बना रहा जहां जीआरपी व आरपीएफ के जवान अप्रिय स्थिति से निपटने मुस्तेद नजर आए है ।
ये है प्रमुख मांग
0 रेलवे और पीएसयू निजीकरण निगमीकरण बंद, रेल गाड़ियों की नीलामी में रोक।
0 निरस्त सवारी गाड़ियों के स्पेयर दिनों का एएलके एवं डीए का बकाया भुगतान दिया जाए।
0 क्रू की बदली स्थान बाईपास कर सुविधाविहीन स्थान में पोस्टिंग रद हो ।
0 एनडीए पात्रता की सीलिंग समाप्त हो।
0 ए एल पी को सहायक पायलट का दर्जा मिले।
0 एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की पहल हो।
0 एएलपी का बेसिक निर्धारण व रिस्क अलाउंस दिया जाए।
0 सी और डब्लू के लाग हाल बनाना और बिना गार्ड के गाड;ी का संचालन बंद हो।
0 कोरोना से मृत रनिंग स्टाफ के परिवार को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति।
0 एमएपीसी एवं एलपीएम, एलपीपी, एलपीजी व पीएलआई के सभी रिक्त पदों पर तत्काल पदोन्नति जाए।
0 बगैर मूलभूत सुविधाओं के बने मुख्यालय को बंद किया जाए।
0 मालगाड़ी में लाइन बाक्स को बहाल किया जाए।
0 एचपीसी अनुशंसा रनिंग कार्य केवल आठ घंटे तक अधिकतम रहे।
0 कोरबा क्षेत्र के साइडिंग को किलोमीटर में दर्ज किया जाए।
0 रेलगाड़ियों में गाड़ी संचालन के उपकरण को रखा जाए ।
0 रेल गाड़ी में लगे लाइन बाक्स को बंद नही करने की मांग।