
जशपुरनगर नईदुनिया प्रतिनिधि
सैप्टिक टंकी के निर्माण के दौरान जहरीली गैस के चपेट आ कर जान गंवाने वाले पांचों मृतकों का सोमवार को गमगीन महौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में भारी संख्या में स्थानीय लोग व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं इस हादसे के बाद शवों को मृतकों के घर तक पहुंचाने के लिए पिकप का इस्तेमाल करने को लेकर विरोध का स्वर उठने लगा है। छजकां ने मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रूपए मुआवजा देने के साथ,शव वाहन व्यवस्था ना करने वाले अधिकारियों के खिलापᆬ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
विदित हो कि रविवार की सुबह तकरीबन साढ़े 8 बजे पᆬरसाबहार थाना क्षेत्र के पंडरीपानी गांव के कंवरटोली बस्ती के निवासी शिक्षक जगन्नाथ साय पैंकरा के घर में निर्माणाधीन सैप्टिक टंकी के सेन्ट्रींग प्लेट को खोलने के लिए शिक्षक की पत्नी सावित्री पैंकरा,तीन मजदूरों के साथ पहुंची थी। इस तकरीबन 20 दिन से बंद पड़े हुए इस सैप्टिक टंकी के ढक्कन को हटा कर जैसे ही राजमिस्त्री रामजीवन साय अंदर घुसा,जहरीली गैस की वजह से अचेत हो कर टंकी के अंदर गिर गया। इसके बाद यही स्थिति उसके भाई ईश्वर साय पैंकरा और मजदूर भादू साय की भी हुई। इन तीनों को टंकी से बाहर ना निकलता देख कर स्थिति को जानने के लिए शिक्षक की पत्नी सावित्रि साय भी टंकी में उतर गई। जहरीली गैस की वजह से दम घुटने पर महिला ने वापस आने का प्रयास किया। लेकिन सीढ़ी में असंतुलित हो जाने की वजह से वह टंकी के नीचे गिर गई। अपनी दादी को नीचे गिरता हुआ देख कर मौके पर मौजूद परमजीत साय पैंकरा भी टंकी में झांकने लगा और वह भी टंकी में गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अपᆬरा-तपᆬरी मच गई और आनन पᆬानन में टंकी का ढक्कन तोड़ कर अंदर अचेत पड़े लोगों को बाहर निकाला गया। स्वास्थ्य विभाग के एक एंबुलेंस और एक पिकप की मदद से अचेत पांचों लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पᆬरसाबहार ले जाया गया। यहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया था। इस हादसे के बाद से पᆬरसाबहार सहित आसपास के ग्रामीण अंचल में मातम पसरा हुआ है। सोमवार को बेहद गमगीन महौल में पांचों मृतकों का सामाजिक परम्परा के मुताबिक अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उठी मामले की जांच व कार्रवाई की मांग -
प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाले इस हादसे के दौरान घटना स्थल से अस्पताल,अस्पताल में चीर घर और चीर घर से मृतकों के घर तक शवों को ले जाने के लिए पिकप का इस्तेमाल किए जाने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। सोमवार को छजकां के ब्लॉक अध्यक्ष गणेश साय,मोहन साय,वीर सिंह,युवा जिलाध्यक्ष अप्पू सोनी,मुकेश भगत,भोला ताम्रकार,मन्नू चक्रेश सोनु खाना,शुभम सोनी,नसीम खान ने पᆬरसाबाहर के तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर सभी मृतक के परिजनों को 10-10 लाख रूपए मुआवजा देने के साथ आपात स्थिति में एंबुलेंस और शव वाहन उपलब्ध ना करा पाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।