धुएं के गुबार से घिरा रायपुर का उरला औद्योगिक क्षेत्र, टायर से डामर बनाने वाली फैक्ट्री में आग, कई कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका
रायपुर के उरला स्थित पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लग गई। टायर जलाकर डामर बनाने वाली इस इकाई में आग तेजी से फैलने से हड़कंप मच गया। आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। फैक्ट्री के भीतर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। दमकल और पुलिस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।
By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 12:07:00 PM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 12:07:00 PM (IST)
रायपुर की पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शनिवार को लगी भीषण आग के बाद उठता धुआं। नईदुनिया नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र से में स्थित पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में शनिवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग ने देखते ही देखते बेहद विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री लपटों की चपेट में आ गई। दमकल व अन्य विभाग की टीम घटनास्थल पर राहत व बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
टायर से डामर बनाने के दौरान हादसा
प्रारंभिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री में पुराने टायरों को अत्यधिक तापमान पर जलाकर डामर (बिटुमिनस सामग्री) तैयार करने का काम किया जाता था। शनिवार को काम के दौरान अचानक भड़की आग ने पूरी इकाई को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भयानक है कि इससे उठने वाला गाढ़ा काला धुआं कई किलोमीटर दूर से ही साफ आसमान में तैरता हुआ दिखाई दे रहा है।
कई जिंदगियों के फंसे होने की आशंका
हादसे के वक्त फैक्ट्री में कई मजदूर और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री परिसर के भीतर कुछ कर्मचारियों के फंसे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक प्रशासनिक तौर पर किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और उरला थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया है और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासनिक अमला और राहत दल फैक्ट्री प्रबंधन के सहयोग से भीतर मौजूद रहे कर्मचारियों की सूची तैयार कर रहा है ताकि लापता लोगों का सटीक पता लगाया जा सके।
आग पर काबू पाना प्राथमिकता
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। आग बुझने के बाद ही हादसे में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा और इस बात की गहन जांच की जाएगी कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई थी। फिलहाल पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भारी तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।