यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Raipur News : रायपुर में इस बार फूटे 10 प्रतिशत कम पटाखे, नियमों का उल्लंघन करने वाले 17 लोगों पर हुई कार्रवाई
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रदेश में पटाखों की बिक्री 10 फीसद कम हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष दीपावली में प्रदेश में लगभग 13 करोड़ के पटाखों की बिक्री हुई थी,जबकि इस वर्ष लगभग 11.70 करोड़ की बिक्री हुई है।
By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 14 Nov 2023 10:32:03 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Nov 2023 10:32:03 PM (IST)

रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रदेश में पटाखों की बिक्री 10 फीसद कम हुई है। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष दीपावली में प्रदेश में लगभग 13 करोड़ के पटाखों की बिक्री हुई थी,जबकि इस वर्ष लगभग 11.70 करोड़ की बिक्री हुई है। पटाखों के कम फूटने का असर इस वर्ष प्रदूषण की स्थिति में भी रहा।
पर्यावरण मंडल से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष रायपुर में प्रदूषण की स्थिति संतोषजनक रही। पर्यावरण मंडल से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी रायपुर में इस वर्ष दीपावली में वायू प्रदूषण संतोषजनक रहा है। वायू गणवत्ता सूचकांक 93 है और वायु प्रदूषण PM-10 भी कम हुआ है। इसके साथ ही रायपुर शहर में औसत PM-10 अर्थात हवा में धूल के कणों की संख्या भीकरीब 62.33 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पटाखों से जुड़े अपने आदेश में कहा था कि रात्रि 10 बजे बजे के बाद तेज आवाज वाले पटाखे फोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कोतवाली, एम्स सहित कई क्षेत्रों में दीपावली की रात में प्रदूषण की स्थिति सामान्य मापी गई।
एनजीटी के नियमों का उल्लंघन, 17 पर कार्रवाई
रात्रि 10 बजे के बाद पटाखों फोड़कर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन वाले 17 लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार 13 नवंबर को सिविल लाइन, उरला, कोतवाली, खमतराई, गुढ़ियारी, टिकरापारा, डीडी नगर एवं आजाद चौक क्षेत्र में रात्रि 10 बजे के बदा पटाखे फोड़ने वाले 17 लोगों पर ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। इनके कब्जे से तेज आवाज वाले पाखे जब्त कर संबंधित थाने में कार्रवाई की गई है। पर्यावरण मंडल के अनुसार बीते लगभग आठ वर्षों बाद ऐसी स्थिति रही है कि दीपावली में रायपुर में प्रदूषण का स्तर इतना कम हुआ है।