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रायपुर में हर घंटे 7 लोग हो रहे लापता, 24 घंटे में 78 महिलाओं समेत 159 की गुमशुदगी, पुलिस महकमें में हड़कंप

रायपुर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में नई तरह से जांच शुरू की है।

By Akhil Kumar SharmaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 07:41:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 07:46:16 AM (IST)
रायपुर में हर घंटे 7 लोग हो रहे लापता, 24 घंटे में 78 महिलाओं समेत 159 की गुमशुदगी, पुलिस महकमें में हड़कंप
राजधानी में 24 घंटे में 78 महिलाएं समेत 159 लोग लापता (AI Generated Image)

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बंधक एंगल से जांच
  2. कमिश्नरेट में उरला, मुजगहन में सबसे ज्यादा मामले
  3. नवविवाहिता, खलासी, बुजुर्ग के गायब होने के केस

अखिल शर्मा, नईदुनिया, रायपुर। राजधानी रायपुर में गुमशुदगी के मामले अब सिर्फ तलाश तक सीमित नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस परिस्थितियों के आधार पर यह भी जांच कर रही है कि कहीं लापता व्यक्ति को बंधक बनाकर तो नहीं रखा गया या गलत तरीके से छिपाया गया है। इसी के बाद शनिवार से रविवार के बीच 24 घंटे में रायपुर कमिश्नरेट और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में गुमशुदगी की 159 FIR दर्ज की गई हैं।

सबसे ज्यादा महिलाएं लापता, आंकड़े चौंकाने वाले

दर्ज मामलों में सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है। कुल 78 महिलाएं लापता हैं, जिनमें गृहणियां, नवविवाहिता और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 54 वयस्क पुरुष, 17 बच्चे व नाबालिग और 10 बुजुर्ग लापता हैं। नाबालिगों में स्कूल, ट्यूशन या घर से गायब हुए बच्चे हैं, जबकि कुछ बुजुर्ग स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या मानसिक कमजोरी से जूझ रहे थे। आंकड़ा कई सवाल खड़े करता है कि महिलाएं इतनी बड़ी संख्या में क्यों लापता हो रही हैं? क्या यह सामान्य गुमशुदगी है या इसके पीछे कोई अनहोनी है?


रायपुर कमिश्नरेट और ग्रामीण थानों का ब्यौरा

रायपुर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा मुजगहन में 16, उरला में 18, गुढ़ियारी में 13, खमतराई में 11, टिकरापारा में 9, डीडी नगर, पंडरी में 7-7, आमानाका, गंज, राजेंद्र नगर, खम्हारडीह में 5-5, तेलीबांधा में 4, सरस्वती नगर, पुरानी बस्ती में 3-3, सिविल लाइन, मौदहापारा में 2-2 और आजाद चौक, गोलबाजार, कोतवाली, कबीर नगर में 1-1 मामला दर्ज हुआ है।

वहीं ग्रामीण थानों में खरोरा में 7, तिल्दा नेवरा में 5, अभनपुर, धरसीवां, मंदिर हसौद, सिलतरा में 4-4, आरंग, गोबरा नवापारा, माना कैंप में 3-3, विधानसभा में 2 और राखी में 1 मामला सामने आया है।

गुमशुदगी के पीछे की वजहें क्या हैं?

पुलिस के मुताबिक गुमशुदगी के पीछे पारिवारिक कलह और घरेलू विवाद प्रमुख कारण हो सकते हैं। पति-पत्नी के बीच विवाद, परिजनों से अनबन, प्रेम संबंध, आर्थिक परेशानी, बेरोजगारी, नशे की लत, संपत्ति विवाद और घरेलू हिंसा के कारण भी लोग घर छोड़ देते हैं। किशोरों में पढ़ाई का दबाव, दोस्तों या प्रेम संबंधों का असर भी कारण बनता है। हालांकि हर मामले में वजह अलग होती है और जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होता है।

केस स्टडी: शादी के अगले दिन दुल्हन गायब

गोल बाजार थाना क्षेत्र में 24 मई को शादी के अगले ही दिन 25 वर्षीय नवविवाहिता छाया लहरे गायब हो गई। चेन्नई से बारात लेकर आए अंकित जैन ने 23 मई को बिलासपुर के कोटा/बिल्हा क्षेत्र में मंदिर में छाया से शादी की थी। 24 मई को परिवार गोल बाजार के जवाहर मार्केट में खरीदारी करने गया। अंकित पत्नी को बैठाकर सास के लिए जूस लेने गया और लौटा तो पत्नी नहीं मिली।

खलासी, बुजुर्ग और महिला के लापता होने के मामले

आमानाका थाना क्षेत्र के न्यू ट्रांसपोर्ट नगर, टाटीबंध से खलासी के लापता होने का मामला सामने आया। कोरापुट, ओडिशा निवासी वैश्नब हरिजन 31 जुलाई को ट्रक से रायपुर आया था। सिलतरा में माल खाली करने के बाद वह रिश्तेदार डमरू मांझी के साथ टाटीबंध में रुका था। दोपहर में चालक के सोने के दौरान वह गायब हो गया।

इसी तरह माना कैंप स्थित शासकीय नवीन वरिष्ठजन आश्रम से 72 वर्षीय सुकेश कुमार दत्त 10 जून की सुबह बिना बताए निकल गए। वे मठपुरैना, टिकरापारा के निवासी हैं, बाएं पैर से लकवाग्रस्त हैं और चश्मा पहनते हैं।

जशपुर जिले के कोतबा थाना क्षेत्र के बनगांव निवासी खिलेंद्र पैंकरा अपनी 43 वर्षीय मां केलाती पैंकरा को इलाज के लिए रायपुर लाए थे। तीन जुलाई की शाम करीब 4:50 बजे अस्पताल में प्रक्रिया के दौरान वे भीड़ के बीच से गायब हो गईं। परिजनों के अनुसार वे मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और जशपुरिया बोली बोलती हैं।

गुमशुदगी से सीधे अपराध की जांच तक

पहले गुम इंसान का प्रकरण दर्ज कर विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर धाराएं जोड़ी जाती थीं। अब परिस्थितियों के अनुसार बीएनएस की धारा 140 (3) में भी अपराध दर्ज किया जा रहा है। पुलिस बंधक बनाए जाने या गलत तरीके से छिपाने की आशंका की जांच शुरुआत से कर रही है।

-केके चंद्राकर, विशेष लोक अभियोजक

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सभी गुम प्रकरणों में अपराध दर्ज कर जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब असली कसौटी यही है कि इस बदली व्यवस्था से लापता लोगों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंचती है।

-तारकेश्वर पटेल, डीसीपी