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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काल बने 26 चौराहे, तीन साल में 260 मौतें… भारी पड़ रही लापरवाही

टाटीबंध चौक पर ओवरब्रिज बनने से लोगों को राहत तो मिली है। मगर, इसी के नीचे 400 मीटर की सर्विस रोड पर बीते तीन वर्ष में 24 सड़क हादसे हो चुके हैं। इन सड...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 20 Jan 2025 12:40:12 PM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jan 2025 12:40:12 PM (IST)
काल बने 26 चौराहे, तीन साल में 260 मौतें… भारी पड़ रही लापरवाही
तेज रफ्तार दौड़ते वाहनों के बीच सड़क पार करने में होता है बड़ा जोखिम।

HighLights

  1. रायपुर-महासमुंद के बीच स्थित पारागांव में हुई ज्यादा दुर्घटनाएं।
  2. डिवाइडर से सड़क पार करते समय हुए ज्यादातर सड़क हादसे।
  3. टाटीबंध चौक, पारागांव और सिलतरा रोड में अभी भी ब्लैक स्पॉट।

सतीश पांडेय, रायपुर। रायपुर में 26 ऐसे चौक-चौराहे हैं, जहां बीते तीन साल के अंदर 260 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके बाद इन चौक-चौराहों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। इनमें टाटीबंध चौक, पारागांव और सिलतरा रोड ऐसे स्थान हैं, जो बीते पांच वर्ष से ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं।

टाटीबंध चौक पर ओवरब्रिज बनने से लोगों को राहत तो मिली है। मगर, इसी के नीचे 400 मीटर की सर्विस रोड पर बीते तीन वर्ष में 24 सड़क हादसों में 26 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, छह लोगों को गंभीर चोट आई है। रायपुर-महासमुंद के बीच स्थित पारागांव में डिवाइडर से सड़क पार करते समय ज्यादातर हादसे हुए हैं।


बीते तीन वर्ष में यहां 15 हादसों में 16 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 12 से ज्यादा घायल हुए हैं। सिलतरा रोड में बीते तीन वर्ष में यहां 14 हादसों में 19 लोगों की जान गई है, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इसी तरह से आरंग तिराहा में छह हादसों में सात लोगों की मौत हुई है और 10 से ज्यादा घायल हुए हैं। कोलर चौक पर 10 हादसों में नौ की मौत और पांच घायल हुए हैं। भरेंगाभाठा चौक पर आठ हादसों में सात मौतें और 32 घायल हुए हैं। छतौना मोड़ के पास सात हादसों में छह मौत और पांच घायल हुए हैं।

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तीन ब्लैक स्पॉट हटे, लेकिन चार नई सड़क जुड़ीं

यातायात पुलिस ने ब्लैक स्पॉट की पहचान कर लोक निर्माण विभाग और एनएचआई को सुधार कार्य कराने का सुझाव दिया था। वर्तमान में तीन जगहों पर रोड इंजीनियरिंग में सुधार करने के बाद से वहां हादसों की संख्या कमी आई है।

इसके बाद उन तीनों स्पॉट को सूची से हटा दिया गया। मगर, चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीन ब्लैक स्पॉट तो हटे, लेकिन चार नई और सड़कें इसमें जुड़ गईं हैं। इन चार सड़कों में बीते तीन वर्ष से लगातार हादसों में लोगों की जान जा रही है।

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टाटीबंध की सर्विस रोड अधूरी, इसलिए आए दिन हादसे

टाटीबंध में सर्विस रोड का काम अधूरा होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। पारागांव और सिलतरा में अंडरब्रिज बनाना प्रस्तावित है, लेकिन अब तक बनाया नहीं जा सका है। इस वजह से इन खतरनाक स्थानों पर लगातार हादसे और मौतें हो रही हैं।

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टाटीबंध चौक पर भाठागांव बस टर्मिनल की ओर से आकर भिलाई की तरफ टर्न होने वाले वाहन ओवरब्रिज के नीचे सर्विस रोड से आते व जाते हैं। ठीक चौक के पास रायपुर से भिलाई की ओर जाने वाले वाहनों का प्रवेश होता है, इस कारण यहां अक्सर वाहन एक दूसरे से टकराते हैं।