रायपुर। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) ने अपने नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत डेंटल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्र अगर 8 साल में 4 साल का बेचलर ऑफ डेंटल सर्जरी यानी बीडीएस पास नहीं कर पाएंगे तो 9 वें साल में उनका दाखिला खुद-व-खुद रद्द हो जाएगा। डीसीआई के इस नए नोटिफिकेशन को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक अगले सत्र 2016-17 से यह राज्य में लागू हो सकता है।
'नईदुनिया' पड़ताल में सामने आया कि देशभर के डेंटल कॉलेजों में सैकड़ों ऐसे छात्र पढ़ रहे हैं, जिन्होंने दाखिला तो ले लिया, लेकिन वे पास ही नहीं हो पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में इनके दाखिला रद्द करने से जुड़ा अब तक कोई नियम नहीं था। भविष्य में ऐसे छात्रों का बोझ कॉलेज को न ढोना पड़े, इसे लेकर ही डीसीआई ने यह प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर केंद्र ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। डीसीआई से आयुष विश्वविद्यालय को यह नोटिफिकेशन प्राप्त हो चुका है, जिसे विश्वविद्यालय ने राज्य शासन को भेजकर अभिमत मांगा है। शासन के अभिमत के बाद यह राज्य में लागू हो जाएगा। राज्य में ऐसे कितने छात्र हैं, आयुष विश्वविद्यालय उनकी तस्दीक कर रहा है। अगर कोई ऐसा छात्र मिलता है तो उस पर इस नए नियम के तहत कार्रवाई संभव होगी। डीसीआई की इस पहल को देखते हुए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) भी अपने नियमों में बदलाव कर सकती हैं।
एमसीआई के नियमों में नहीं-
एमसीआई ने अभी अपने नियमों में इस तरह का कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले ऐसे कई छात्र हैं जिन्हें दाखिला लिए 7-8 साल तक हो चुके हैं, लेकिन आज तक वे फर्स्ट ईयर तक पास नहीं कर सके हैं। इनमें छत्तीसगढ़ पीएमटी-2007 बैच का टॉपर फजल मसीह समेत कई छात्र हैं, जो मुन्नाभाई भी हैं। लगातार फेल हो रहे छात्रों को लेकर मेडिकल कॉलेज रायपुर डीन ने एमसीआई को पत्र लिखकर अभिमत मांगा था, लेकिन आज 3 साल बाद भी जवाब नहीं आया।
राज्य में बीडीसी कोर्स, सीट-
राज्य के 1 सरकारी और 5 निजी कॉलेजों में बीडीएस कोर्स का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक कॉलेज में बीडीएस की 100-100 सीट हैं। अब तक नियमानुसार बीडीएस का कोर्स 4 साल का होता है, एक साल इंटरनशिप के लिए है। 4 साल के कोर्स के बाद भी 4 और साल छात्रों को नए नोटिफिकेशन के तहत दिए जाएंगे यानी की एक साल की पढ़ाई 2 साल में पूरी करो। इसके बाद भी अगर पास न होने पर कोई मौका नहीं मिलेगा।
नोटिफिकेशन आया है
ऐसा नोटिफिकेशन डीसीआई की तरफ से आया है, जिसके तहत 8 बार में बीडीएस पास नहीं कर पाने पर छात्र का दाखिला रद्द माना जाएगा। पूर्व में एमबीबीएस में ऐसा ही एक नियम जरूर था। ज्यादा जानकारी डेंटल कॉलेज प्राचार्य से ले लीजिए।
-डॉ. अशोक चंद्राकर, संचालक, चिकित्सा शिक्षा