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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

85 करोड़ की ठगी में 62 जालसाज गिरफ्तार, 3 नाइजीरियन भी शामिल; इन पर एक हजार 435 केस

रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत 85 करोड़ की ठगी मामले में 62 जालसाजों को गिरफ्तार किया, जिसमें 3 नाइजीरियन शामिल हैं। ठग म्यूल बै...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Thu, 23 Jan 2025 10:13:48 PM (IST)Updated Date: Thu, 23 Jan 2025 11:08:17 PM (IST)
85 करोड़ की ठगी में 62 जालसाज गिरफ्तार, 3 नाइजीरियन भी शामिल; इन पर एक हजार 435 केस
रायपुर से 40 जालसाज गिरफ्तार।

HighLights

  1. 85 करोड़ ठगी मामले में 62 गिरफ्तार।
  2. ऑपरेशन "साइबर शील्ड" के तहत एक्शन।
  3. 3 नाइजीरियन आरोपी भी गिरफ्तार।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : साइबर रेंज पुलिस ने नवा रायपुर स्थित कलिंगा यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर की पढ़ाई कर रहे तीन नाइजीरियन छात्र एबदुलाजीज बेना राबीयू, बसीर सुलेमान और अमीनू गरबा को गिरफ्तार किया है। इन पर हॉस्टल और विवि में पढ़ाई करने के साथ ठगी करने का आरोप है।

पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपितों द्वारा डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट, गूगल रिव्यू टास्क, टेलीग्राम टास्क, बैंक केवाइसी अपडेट सहित अन्य ठगी में इनका हाथ था। वहीं ठगी की रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर करते थे। यूनिवर्सिटी में 70 से ज्यादा नाइजीरिया के छात्र पढ़ाई करते हैं।


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इस मामले में जल्द ही बैंक के कर्मचारी, ब्रोकर सहित अन्य की गिरफ्तारी की जा सकती है। सात अलग-अलग ठगी के मामलों में दो दिन तक चली कार्रवाई में 62 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

इसमें म्यूल बैंक अकाउंट धारक, संवर्धक, ब्रोकर, ठगी करने वाले शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों के थानों में 1,435 मामले दर्ज हैं। इसमें आरोपितों द्वारा पीड़ितों से 84 करोड 88 लाख रुपये की ठगी की गई है।

एक लाख रुपये प्रतिमाह किराये पर दिए खाते

आरोपितों ने ठगी के मामले में म्यूल बैंक खाते के लिए ठगों को अपने खाते बेचे। इसके बदले में इनके द्वारा एक लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पैसे लिए गए। वहीं कुछ ने खाते में आने वाली रकम का 10 से 20 प्रतिशत लिया। इसके अलावा पांच से 10 हजार रुपये में भी खाते बेचे गए।

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11 सौ म्यूल बैंक की जांच के बाद कार्रवाई

साइबर क्राइम पोर्टल में 1,100 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट की जांच की गई। जांच कार्रवाई में पीड़ितों की पहचान कर उनसे घटना के संबंध में जानकारी एकत्र की गई।

साइबर क्राइम पोर्टल की रिपोर्ट, बैंक खाते में हुए ट्रांजैक्शन, एक ही व्यक्ति के अधिक बैंक अकाउंट एवं अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर बैंक अकाउंट खुलवाने और अकाउंट का डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फर्जी एप, क्रिप्टो करेंसी में इंवेस्ट, गूगल रिव्यू टास्क, टेलीग्राम टास्क, बैंक केवाइसी अपडेट एवं गूगल सर्च जैसे साइबर अपराध में उपयोग करने वाले लोगों को चिह्नांकित किया गया।

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एक केस में 47 आरोपित :

भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के पोर्टल के माध्यम से रिपोर्टेड उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक शाखा रायपुर में खुले म्यूल बैंक अकाउंट में अलग-अलग राज्यों में ठगी की रकम डाली गई।

साइबर अपराध की कुल रकम 36,48,488 रुपये जमा होने से थाना सिविल लाइन रायपुर में अपराध दर्ज किया गया। जांच के बाद विवेचना में 47 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

केस 2

प्रार्थी उमाकांत वर्मा ने गूगल रिव्यू टास्क के नाम से उनसे 50 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट से थाना गुढ़ियारी में अपराध दर्ज किया गया। इसमें तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की गई।

केस 3

प्रार्थी अतुल अग्रवाल ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम से उनसे 19 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट से थाना विधानसभा में दर्ज करवाई थी। मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

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केस-4

प्रार्थी पूजा साहू ने डीएड एडमिशन फार्म फीस के नाम से उनसे 48 हजार रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट से थाना आजाद चौक पर दर्ज करवाई थी। दो आरोपितों को किया गया।

केस 5

प्रार्थिया एमवीएसएस लक्ष्मी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों ने खुद को क्राइम ब्रांच मुंबई पुलिस का होना बताकर 58 लाख ठग लिए।

प्रार्थिया के आधार कार्ड का दुरुपयोग से 311 बैंक अकाउंट खोलने की झूठी बात बताकर डराया और 24 घंटे वाट्सएप वीडियो काल में जुड़े रखा गया था। एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया।

केस 6

प्रार्थी जितेंद्र साहू से शेयर ट्रेडिंग में इंवेस्ट कर मुनाफा कमाने के नाम से उनसे 8.5 लाख रुपये की ठगी की गई। तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

केस 7

प्रार्थी डा. अविनाश ढोले से क्रिप्टो करेंसी में इंवेस्ट कर मुनाफा कमाने के नाम पर 2.5 लाख की ठगी की गई थी। एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया।

रायपुर से इनकी गिरफ्तारी

मेहुल विज, देवेंद्र सेन, सौरभ पाल, अशोक लाल बघेल, हरीश सोनकर, तुलसी तांडी, वासु पटेल, दीपक पटेल, दीपक कपूर, पुरुषोत्तम बजाज, सूरज सक्सेना, राहुल नायक, ललित बंश्रे, समीर जनबंधु, प्रीति साहू, लोकेश्वर चंद्राकर, मनोज धीवर, गौतम भारती, टेमन हियाल, उपासना जगत, भारती बाघ।

वीणा तांडी, डी. कामराजू, कल्पना खरे, राहुल शर्मा, श्रेया यादव, दीपक छुरा, प्रेमदास मानिकपुरी, आयुष सागर, पंकज भोंडलेकर, नवीन गोस्वामी, भीमाशंकर नायक, संदीप डोंडेकर, अजय निर्मलकर, इंद्र कुमार साहू, अभय अडवानी, सूर्यकांत मंझवार, सौरभ शर्मा, संगीता मांझी, यमन बंजारे, गोविंद यादव।

राजनांदगांव के ये आरोपित

गजेन्द्र वर्मा, अफजल खान, प्रवीण कुमार ठाकुर, शेख जीशान, धनेश सेन, शुभम दत्ता, तनिष्क सिंह भाटिया, अरविंद चौरे, रजत श्याम कुंवर, हरीश ध्रुवे, रोशन वर्मा, कमलेश उईके, उमेश तड़स।

- महासमुंद - सत्यम देवानी

- बिलासपुर - सिप्रियन जैकब

पुलिस ने छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया था। आगे भी पुलिस का पूरा सहयोग किया जाएगा। छात्रों द्वारा ठगी की जा रही थी, इसके बारे में जानकारी नहीं है।

- संंदीप गांधी, कुलसचिव, कलिंगा यूनिवर्सिटी, नवा रायपुर

ऑपरेशन "साइबर शील्ड"

रेंज साइबर पुलिस ने बताया है कि गिरफ्तार जालसाजों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में एक हजार 435 अपराध दर्ज हैं। इस ऑपरेशन का नाम "साइबर शील्ड" रखा गया है, जिसे पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।