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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सौम्या चौरसिया की अवैध संपत्ति मामले में 8,000 पेज की चार्जशीट दाखिल, छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा केस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया की 50 करोड़ की अवैध संपत्ति के मामले में ईओडब्लू ने 8000 पन्नों की चार्जशीट दायर की है। सौम...और पढ़ें

By Deepak ShuklaEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Tue, 14 Oct 2025 04:25:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Oct 2025 04:39:32 PM (IST)
सौम्या चौरसिया की अवैध संपत्ति मामले में 8,000 पेज की चार्जशीट दाखिल, छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा केस
8,000 पेज की चार्जशीट दाखिल

HighLights

  1. सौम्या चौरसिया के खिलाफ 8,000 पृष्ठों का अभियोग पत्र दायर
  2. सौम्या ने 2019 से 2022 के बीच सर्वाधिक अवैध निवेश किया
  3. अब तक का सबसे बड़ा ‘आय से अधिक संपत्ति’ का मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने आज एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दायर आय से अधिक संपत्ति के मामले में लगभग 8,000 पृष्ठों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) मंगलवार को माननीय विशेष न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया है।

ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, सौम्या चौरसिया ने अपने परिवारजनों और परिचितों के नाम पर करीब 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया है। ब्यूरो की रिपोर्ट में यह पाया गया है कि उन्होंने पद पर रहते हुए करीब 49 करोड़ 69 लाख 48 हजार 298 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से 1872.86 प्रतिशत अधिक है।


जांच में यह भी सामने आया है कि सौम्या चौरसिया ने वर्ष 2019 से 2022 के बीच सर्वाधिक अवैध निवेश किया। इस दौरान उन्होंने कोयला, डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) और अन्य मामलों में कथित रूप से भ्रष्ट माध्यमों से अर्जित धन को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया।

गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया वर्ष 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उनकी प्रथम नियुक्ति डिप्टी कलेक्टर, बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय में हुई थी। इससे पहले वर्ष 2005 में उन्होंने लेखाधिकारी के रूप में सेवाएं दी थीं। वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं।

यह भी पढ़ें: कौन है सौम्या चौरसिया? कैसे SDM से बनी 'सुपर सीएम', भूपेश बघेल की उप सचिव, जो कोल लेबी घोटाले में आरोपी

जांच के अनुसार, उनके 17 वर्ष के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया और उनके परिवार की कुल वैध आय लगभग 2.51 करोड़ रुपये रही, जबकि उन्होंने लगभग 50 करोड़ रुपये की अवैध कमाई संपत्तियों में निवेश की।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि ब्यूरो के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा ‘आय से अधिक संपत्ति’ का मामला है। जांच में प्राप्त सभी दस्तावेज, लेन-देन और संपत्ति संबंधी अभिलेखों को संकलित कर विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में पेश की गई है।