छत्तीसगढ़ में जनसुविधाओं की राह हुई आसान, घर बैठे मिल रही सेवाएं, 50 लाख से अधिक नागरिकों ने किया आवेदन
जनसुविधाओं को घर बैठे आसान और सुलभ बनाने की दिशा में ‘सेवा सेतु’ तेजी से लोगों की पसंद बन रहा है। एक माह में ही 4.50 लाख नागरिक इससे जुड़े हैं।
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 03:15:43 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 03:15:43 PM (IST)
घर बैठे सरकारी सेवाएं पाने में छाया 'सेवा सेतु'।HighLights
- घर बैठे सरकारी सेवाएं पाने में छाया 'सेवा सेतु'
- आईटी 3.0 से जुड़े 38 विभागों की 848 योजनाएं
- व्हाट्सएप पर मिल रहे आय और जाति प्रमाण पत्र
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। जनसुविधाओं को घर बैठे आसान और सुलभ बनाने की दिशा में ‘सेवा सेतु’ तेजी से लोगों की पसंद बन रहा है। एक माह में ही 4.50 लाख नागरिक इससे जुड़े हैं। एक अप्रैल 2025 से 31 अगस्त 2026 तक सेवा सेतु के माध्यम से 50 लाख से अधिक नागरिकों ने शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन किए हैं, जिसमें से 49.05 लाख का निराकरण किया जा चुका है। इस वर्ष एक अप्रैल से 31 अगस्त नागरिकों को 17 लाख 20 हजार से अधिक प्रमाण पत्र उनके वाट्सएप पर भेजा जा चुका है।
सेवा सेतु के नए संस्करण की हुई थी शुरुआत
इस वर्ष 31 जुलाई तक 45,67,350 आवेदन में से 45,09,341 का निराकरण किया गया था। सेवा सेतु में एक क्लिक पर 848 सेवाओं की उपलब्धता ने सरकारी सुविधाओं तक पहुंच को न केवल आसान बनाया है, बल्कि समय और संसाधनों की बचत के साथ पारदर्शिता को भी बढ़ावा दिया है। शासन-प्रशासन ने एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के दौर में कार्यशैली में तेजी से बदलाव किया है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेवा सेतु के नए संस्करण की शुरुआत की थी।
योजनाओं का लाभ महज एक क्लिक पर मिल रहा
वर्तमान में राज्य में आइटी आधारित सेवा व्यवस्था का तीसरा चरण यानी 'आइटी 3.0' लागू है, जो आम जनता को त्वरित और पारदर्शी सुविधाएं देने पर केंद्रित है। डिजिटल यात्रा की शुरुआत को देखा जाए तो आइटी 1.0 के समय वर्ष-2011 में आम जनता को मात्र नौ विभागों की 25 योजनाओं का लाभ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलता था। वहीं, अब आइटी 3.0 के आने के बाद वर्तमान में प्रदेश की जनता को 38 विभागों की 848 शासकीय योजनाओं का लाभ महज एक क्लिक पर मिल रहा है।
ऐसे किया आइटी का उपयोग
- 1.0 : वर्ष-2003 में सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए डिजिटल कियोस्क के जरिए ''सिटिजन सर्विस डिलीवरी'' शुरू हुई। कुल आठ सेवाओं के साथ शुरुआत।
- 2.0 : वर्ष 2015 में ई-डिस्ट्रिक्ट के जरिए आनलाइन मंच की ओर बदलाव, जो बड़े पैमाने पर सेवा वितरण को मुमकिन बनाए। कुल 86 सेवाओं के साथ शुरुआत।
- 3.0 : वर्ष 2026 में सेवा सेतु के जरिए एआइ, आधार-आधारित सेवाएं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और बहुभाषी डिजिटल मंच का निर्माण। वर्तमान में 848 सेवाओं का लाभ।
आवेदन प्राप्त व निराकरण में शीर्ष पांच सेवाएं
| सेवा का नाम | कुल प्राप्त आवेदन | निराकृत आवेदन |
| आय प्रमाण पत्र | 21,59,870 | 21,29,472 |
| निवास प्रमाण पत्र | 9,14,023 | 8,43,639 |
| अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र | 5,78,126 | 4,61,053 |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्र | 4,65,114 | 3,57,088 |
| नॉन डिजिटाइज्ड नकल (भूमि दस्तावेज आदि) | 1,24,277 | 1,24,041 |
आवेदन प्राप्ति एवं निराकरण में शीर्ष पांच जिले
| जिले का नाम | कुल प्राप्त आवेदन | निराकृत आवेदन |
| रायपुर | 3,22,444 | 2,88,899 |
| दुर्ग | 2,86,423 | 2,60,899 |
| बिलासपुर | 2,33,865 | 2,13,986 |
| बलौदा बाजार-भाटापारा | 2,22,371 | 2,09,581 |
| राजनांदगांव | 2,14,057 | 1,94,857 |
सेवा सेतु से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें
- आवेदन और ट्रैकिंगः स्वयं आनलाइन आवेदन और ट्रैक कर सकते हैं।
- व्हाट्सएप सुविधाएंः व्हाट्सएप से आवेदन कर सकते हैं, अपडेट और दस्तावेज डाउनलोड भी।
- डिजिटल प्रमाणपत्रः जालसाजी रोकने क्यूआर कोड सत्यापन व डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र।
- बहुभाषी पहुंचः स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पोर्टल पर बहुभाषी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- जनता डैशबोर्ड: जवाबदेही तय करने के लिए पोर्टल पर सारे आंकड़े ''लाइव डैशबोर्ड'' पर उपलब्ध हैं।
- त्वरित अलर्टः पारदर्शिता के लिए आवेदन के हर चरण की आवेदक के मोबाइल पर अलर्ट भेजा जाता है।
- पेमेंट व्यवस्थाः शुल्क के भुगतान को सुरक्षित बनाने ट्रेजरी और ई-चालान व्यवस्था के साथ एकीकरण है।
- स्वचालित अग्रेषण व आटो रिजेक्शन : समयसीमा पार होने पर आवेदन स्वत: उच्चाधिकारी को अग्रेषित।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
- निकटम सेवा सेतु केंद्र पर जाकर इच्छित सेवा के लिए आवेदन कराया जा सकता है।
- मोबाइल या कम्प्यूटर से सेवा सेतु पोर्टल पर नागरिक लागिन के माध्यम से इच्छित सेवा के लिए आनलाइन आवेदन।
- जिस सेवा के लिए आवेदन करना है, उसके दस्तावेज स्कैन कर आवेदन के साथ अपलोड करें।
- समस्या होने पर पोर्टल के होम पेज पर शिकायत या सूचना विकल्प का चयन करें। जानकारी दर्ज करने के बाद शिकायत सबमिट कर दें।
- आवेदन जमा करने पर एक यूनिक आवेदन संदर्भ क्रमांक प्राप्त होता है। क्रमांक से पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखा जा सकता है।
- चिप्स के हेल्पलाइन नंबर 9203406400 पर संपर्क किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को बड़ा झटका, तीजा और गणेश चतुर्थी पर 7 मेमू और पैसेंजर ट्रेनें रद, यात्री बसों पर बढ़ा दबाव
फैक्ट फाइल
- कुल विभाग - 38
- कुल सेवाएं - 848
- सेवा केंद्र - 16,752
- कुल आवेदन - 5017951
- स्वीकृत आवेदन - 4561903
- अस्वीकृत आवेदन - 343338
- निराकृत आवेदन - 4905241