
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया. रायपुर। कृषक उन्नति योजना खरीफ-2026 के तहत किसानों को मिलने वाली आदान सहायता (अनुदान) के लिए एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य होगा। साथ ही डिजिटल क्राप सर्वे में संबंधित जमीन पर धान की फसल दर्ज होना जरूरी है। योजना का लाभ लेने के लिए धान खरीदी प्रक्रिया में कम से कम एक सफल लेन-देन भी होना चाहिए। इन शर्तों के आधार पर पात्र किसानों की पहचान की जाएगी।
शुक्रवार को मंत्रालय में मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में योजना की अनुदान वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए धान खरीदी पोर्टल, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्राप सर्वे, किसान आइडी, फार्म आइडी और गिरदावरी के आंकड़ों को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज और जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसान अपनी विशिष्ट फार्म आईडी की पुष्टि कर सकें और अनुदान के लिए आसानी से आवेदन कर सकें, इसकी व्यवस्था की जाए।
धान खरीदी के दौरान टोकन जारी करते समय अनुदान के पात्र रकबे का भी सत्यापन किया जाएगा। खासकर विगत वर्ष धान नहीं बेचने वाले किसानों के मामलों में भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा, ताकि वास्तविक पात्रता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो, कुटकी, रागी) की खरीदी और इनके उत्पादन पर मिलने वाले प्रोत्साहन की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।