
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। भारत स्काउट एवं गाइड की राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन में स्कूल शिक्षा विभाग और स्क्वाउट गाइड के पदाधिकारियों ने मिलकर गड़बड़ी की है। सूत्रों के अनुसार 10 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाली इस जंबूरी में नियम-कायदों को ताक पर रखकर राशि का स्थानांतरण किया गया। साथ ही राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन 9 से 13 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर में होना था, मगर स्क्वाउट गाइड के पदाधिकारियों ने इस आयोजन को बालोद में करवाने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि केंद्रीय स्तर से तय हुआ था कि जंबूरी का आयोजन राजधानी के नया रायपुर में होगा, लेकिन, स्कूल शिक्षा विभाग के रसूखदार अधिकारियों और पर्दे के पीछे सक्रिय कुछ पदाधिकारियों ने परिषद को अंधेरे में रखकर रातों-रात आयोजन स्थल बालोद स्थानांतरित कर दिया।
आरोप है कि यह बदलाव केवल इसलिए किया गया ताकि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके। हाल में भारत स्काउट एवं गाइड संगठन का ढांचा भी बदला गया है, जिसमें स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को अध्यक्ष, जीतेंद्र कुमार साहू को सचिव और हेमंत देवांगन को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
भ्रष्टाचार की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब स्कूल शिक्षा संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने एक आदेश जारी कर बजट की राशि स्काउट गाइड के बजाय बालोद डीईओ (डीईओ) कार्यालय खाते में डाल दी। तर्क दिया गया कि स्काउट गाइड के पास जेम पोर्टल और जीएसटी की सुविधा नहीं है। सूत्रों के अुनसार पहली निविदा में इतनी बड़ी गड़बड़ी पाई गई कि मुख्य सचिव विकास शील को हस्तक्षेप कर इसे निरस्त करना पड़ा।
हैरानी की बात यह है कि भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा आयोजन स्थल के विवाद पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नवा रायपुर के पुराने प्रस्ताव की जानकारी ही नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य की कार्यकारिणी ने तय किया था कि आयोजन बालोद में किया जाए।
एक दिन पहले सोमवार को कांग्रेस ने इस मामले में ईओडब्ल्यू और एसीबी में शिकायत कर मंत्री गजेंद्र यादव समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एफआइआर करने की मांग की थी। साथ ही जांच करने की मांग की थी।