
रायपुर। बलबीर जुनेजा इनडोर स्टेडियम में 19 से 25 सितंबर तक प्रस्तावित वॉलीबॉल एशिया कप की मेजबानी छीनने के बाद एशियाई वॉलीबॉल महासंघ (एवीसी) ने रायपुर को बिना निरीक्षण अगले साल एशियन चैंपियनशिप की मेजबानी देने की बात कही है। बशर्ते छत्तीसगढ़ शासन इसके इच्छुक हो। साथ ही अब तक की तैयारियों के लिए संघ की तारीफ भी की है।
एवीसी के महासचिव सेन्रीट वांगप्रास्रेट ने छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ को किए ई-मेल में यह बात कही। भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (वीएफआई) के आपसी झगड़े की वजह से टूर्नामेंट की मेजबानी थाईलैंड को दे दी गई है। पिछले साल अक्टूबर में ही सेन्रीट ने रायपुर का दौरा कर एशिया कप की मेजबानी पर मुहर लगाई थी।
लेकिन पिछले चार महीने से वीएफआई के अंदरूनी झगड़े की वजह से एवीसी को मजबूरन टूर्नामेंट की मेजबानी रायपुर से छीननी पड़ी। बता दें कि एशिया कप के आयोजन के लिए बलबीर जुनेजा इनडोर स्टेडियम और डिग्री गर्ल्स कॉलेज के इनडोर हॉल को अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप 17 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें ड्रेसिंग रूम से लेकर, अंपायर रूप सहित हर जरूरी संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन ने एशिया कप के आयोजन के लिए 1 करोड़ रुपए भी दिए हैं।
0. सेन्रीट ने यह लिखा ई-मेल पर
थाईलैंड को मेजबानी सौंपने के बाद सेन्रीट ने छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ को ई-मेल कर मेजबानी छीनने के लिए खेद जताया है। साथ ही अब तक की तैयारियों के लिए संघ की तारीफ भी की है। ई-मेल में सेन्रीट ने संघ के सचिव अकरम खान को कहा है कि अच्छी तैयारियों के बावजूद रायपुर से मेजबानी छीनना सही नहीं था, लेकिन नियमों की वजह से हमें ऐसा करना पड़ा। हमें भी रायपुर में एशिया कप नहीं होने का दुख है।
सेन्रीट ने ई-मेल में यह भी कहा है कि वीएफआई का झगड़ा निपटने के बाद संघ वीएफआई के जरिए किसी भी आयोजन की मेजबानी एवीसी से मांगता है तो एवीसी निरीक्षण किए बगैर रायपुर को मेजबानी सौंप देगा। 2017 में एशियन चैंपियनशिप और 2018 में एशिया कप का आयोजन होना है। संघ इन दोनों में से किसी भी टूर्नामेंट की मेजबानी मांग सकता है। टूर्नामेंट वीएफआई को अलॉट किया जाएगा, लेकिन इसकी मेजबानी रायपुर को ही दी जाएगी।
0. पीएमओ, केन्द्रीय खेल मंत्रालय से लेकर आईओए तक लगाई गुहार
वीएफआई की लड़ाई के चलते एशिया कप की मेजबानी न छीनी जाए, इसके लिए छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ ने पीएमओ, केन्द्रीय खेल मंत्रालय, भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) से लेकर छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखा, लेकिन मामला दिल्ली हाईकोर्ट में होने की वजह से किसी ने भी इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया।
छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ ने भी इस मामले में आईओए पत्र लिखा था और वीएफआई की एडहॉक कमेटी बनाकर आयोजन की जिम्मेदारी देने की बात कही थी, लेकिन आईओए ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया। नतीजा भारत को पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी से हाथ धोना पड़ा।
0. हमें एवीसी के महासचिव सेन्रीट ने मेल कर मेजबानी छीनने का खेद जताया है। हमने अपनी तरफ से मेजबानी बचाए रखने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन नियमों की वजह से हम ऐसा नहीं कर सके। भविष्य में अगर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, संघ के अध्यक्ष और पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत मंजूरी देते हैं तो हमें बिनी निरीक्षण के किसी भी आयोजन की मेजबानी मिल सकेगी।
- अकरम खान, सचिव, छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ