• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सावधान : कुत्ते पालने से फेफड़े, लिवर और हृदय की बीमारी का खतरा

---- रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि यदि आप कुत्ते पालने के शौकीन हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि इससे लिवर, फेफड़े, मस्तिष्क और हृदय से संबंधि...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 24 Jun 2020 09:31:32 PM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2020 09:31:32 PM (IST)
सावधान : कुत्ते पालने से फेफड़े, लिवर और हृदय की बीमारी का खतरा

----

रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यदि आप कुत्ते पालने के शौकीन हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि इससे लिवर, फेफड़े, मस्तिष्क और हृदय से संबंधित बीमारियां आपको घेर सकती हैं। ऐसे ही मामले में हाइडैटिड सिस्ट (फेफड़े, लिवर, मस्तिष्क, हृदय में होने वाली बीमारी) से पीड़ित मरीज का आंबेडकर अस्पताल के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में सफल सर्जरी की गई है।

सर्जरी करने वाले कार्डियोथोरेसिक सर्जन और एसीआइ के विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू, डीकेएस अस्पताल के गैस्ट्रोसर्जन डॉ. रोमिल जैन ने बताया कि सारागांव निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति खांसी, सांस फूलने, पेट दर्द की शिकायत लेकर मार्च में आंबेडकर अस्पताल के एसीआइ विभाग में पहुंचा। एक्स-रे, सोनोग्राफी, छाती व पेट का सीटी स्कैन करने से पता चला कि उसके बाएं फेफड़े व लिवर के बाएं लोब में हाइडैटिड सिस्ट संक्रमित हो गया है। कोरोना की वजह से अस्पताल में नॉन इमरजेंसी ऑपरेशन बंद होने के कारण मरीज को फौरी राहत के लिए कृमि की दवाई एलबेंडाजॉल देकर घर भेज दिया गया। मरीज को कोरोना नियंत्रण के बाद आने को कहा गया, लेकिन मरीज की सांस फूलने की शिकायत को देखते हुए सर्जरी करनी पड़ी। 15 दिन पहले हुई एक साथ दो सर्जरी के बाद सोमवार को मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क किया गया।


बॉक्स

हाइडैटिड सिस्ट बीमारी को समझें

हाइडैटिड सिस्ट इकाइनोकोकस ग्रेन्युलोसस नामक कृमि से इंसानों में फैलता है। यह कृमि कुत्ता, भेड़, बकरी के मल से उत्पन्न होकर फैलता है। यह धूल व मिट्टी में सब्जी व खाद्य सामग्रियों में मिल जाता है। यह कृमि कुत्ते के मल के साथ सिस्ट के रूप में बाहर निकलता है। मल सूख कर मिट्टी में मिल जाता है और कृमि बहुत दिनों तक मिट्टी एवं हवा में जिंदा रह सकता है। सांस के जरिए, फल, सब्जी, सलाद के माध्यम से या गंदे हाथों से खाना-खाने पर यह शरीर में प्रवेश कर जाता है। जब हम ऐसे कुत्तों के साथ रहने लगते हैं या खेलने लग जाते हैं तो उसके शरीर सिस्ट इंसानों में प्रवेश कर जाता है।

बॉक्स

कुत्ते पाल रहे हैं तो क्या सावधानी बरतें

-कुत्तों की जांच नियमित वेटनरी डॉक्टर से कराएं।

-अधपकी कच्ची सब्जियां न खाएं। अच्छे से धोकर सब्जी पकाएं।

-गंदे हाथों से खाना न खाएं।

-कुत्तों से नजदीकी रखने पर मास्क लगाएं और खेलने के बाद हाथ अच्छे से धोएं।

वर्जन

हाइडैटिड सिस्ट फेफड़े, मस्तिष्क, हृदय और लिवर में होता है। इससे लिवर की अपेक्षा फेफड़े, मस्तिष्क और हृदय में खतरा अधिक होता है। समय पर इलाज नहीं किया गया तो जान भी जा सकती है। 40 वर्षीय पुरुष मरीज में यह बीमारी फेफड़े और लिवर दोनों में फैली थी। सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। कुत्ता पालने या उसके संपर्क में आने पर लोगों को अधिक सावधानी के साथ खाने-पीने के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान देना चाहिए। -डॉ. कृष्णकांत साहू, विभागाध्यक्ष, एसीआइ, आंबेडकर अस्पताल

-