
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क बढ़ाने की कोशिशों के बीच जून 2026 की तिमाही में बैंक शाखाओं की संख्या घट गई। मार्च में प्रदेश में 3596 बैंक शाखाएं थीं, जो जून के अंत में घटकर 3525 रह गईं। यानी तीन महीने में 71 शाखाएं कम हो गईं। इनमें 1561 शाखाएं ग्रामीण, 925 अर्धशहरी और 1039 शहरी क्षेत्रों में हैं। कुल शाखाओं में 71 प्रतिशत ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
शाखाओं में कमी का बड़ा कारण निजी बैंक की शाखाओं का वर्गीकरण बदलना रहा। बैंकिंग वर्गीकरण में बदलाव के कारण बंधन बैंक की 85 शाखाएं कम दर्ज हुईं। इसके बावजूद तिमाही में 16 नई शाखाएं भी खुलीं। इनमें निजी बैंकों की 10, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की एक और स्माल फाइनेंस बैंकों की पांच शाखाएं शामिल हैं। नई शाखाओं में पांच ग्रामीण, पांच अर्धशहरी और छह शहरी क्षेत्रों में खुलीं।
प्रदेश में जून तक बैंकों के 3620 एटीएम हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 790, अर्धशहरी में 1070 और शहरी क्षेत्रों में 1760 एटीएम हैं। इसके अलावा आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार 1088 व्हाइट लेबल एटीएम हैं। इन्हें मिलाकर राज्य में कुल एटीएम की संख्या 4776 हो जाती है। बैंक एटीएम में ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी करीब 51 प्रतिशत है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए 55,444 बैंक मित्र तैनात हैं। इनमें 27,453 फिक्स्ड प्वाइंट पर सेवाएं दे रहे हैं। अप्रैल से जून के बीच बैंक मित्रों के माध्यम से 1,54,90,920 लेन-देन हुए और 7396.37 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। लेकिन इसी नेटवर्क में 20,491 बैंक मित्र निष्क्रिय हैं। यानी कुल बैंक मित्रों का 36.96 प्रतिशत हिस्सा काम नहीं कर रहा। बैंकों को निष्क्रिय बैंक मित्रों को हटाकर नए सक्रिय प्रतिनिधि नियुक्त करने और स्थानीय स्तर पर आ रही दिक्कतों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। फिनो पेमेंट्स बैंक में निष्क्रियता सबसे अधिक रही। यहां 2250 में 1703 बैंक मित्र निष्क्रिय हैं। केनरा बैंक में 108 में 64, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 340 में 180 और एचडीएफसी बैंक में 346 में 161 बैंक मित्र निष्क्रिय पाए गए।
बैंक मित्रों की संख्या को लेकर एसएलबीसी और केंद्र के डीबीटी-जीआईएस पोर्टल के आंकड़ों में 2149 का अंतर है। एसएलबीसी के अनुसार प्रदेश में 55,444 बैंक मित्र हैं, जबकि डीबीटी-जीआईएस पोर्टल पर यह संख्या 57,593 है। सबसे ज्यादा अंतर कुछ निजी और भुगतान बैंकों के आंकड़ों में है। एसएलबीसी ने संबंधित बैंकों को दोनों स्रोतों के आंकड़ों का मिलान करने के निर्देश दिए हैं।
जिलों के आंकड़ों में रायपुर बैंकिंग नेटवर्क में सबसे आगे है। यहां 297 शाखाएं और 677 एटीएम हैं। बिलासपुर में 268 शाखाएं और 315 एटीएम, दुर्ग में 257 शाखाएं और 299 एटीएम तथा रायगढ़ में 145 शाखाएं और 157 एटीएम हैं। दूसरी ओर नारायणपुर में 12 शाखाएं और 22 एटीएम, सुकमा में 38 शाखाएं और 18 एटीएम तथा बीजापुर में 52 शाखाएं और 26 एटीएम हैं।
बैंक शाखाओं से वंचित 19 ग्राम पंचायतों में शाखाएं खोलने की योजना पर भी काम हुआ है। सुकमा के जगरगुंडा और किस्ताराम, दंतेवाड़ा के समालवार और चेरपाल, बीजापुर के पामेड़ और ताररेम, नारायणपुर के सोनपुर और कोहकामेटा तथा जशपुर के छिछलिया और आरा में शाखाएं खोली जा चुकी हैं। कुछ पंचायतों में शाखा खोलने की प्रक्रिया अभी बाकी है।