
संदीप तिवारी, नईदुनिया, रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में 19 कर्मियों की फर्जी तबादला सूची की जांच जारी है। सूची किस स्तर के अधिकारियों ने जारी की, इसकी पड़ताल की जा रही है। इसी बीच बस्तर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्तर से करीब 110 शिक्षकों के मनमाने तबादलों का मामला सामने आया है।
जांच के बाद सचिवालय पहुंची रिपोर्ट में बस्तर के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बलीराम बघेल पर शासन के नियमों का जानबूझकर उल्लंघन कर स्वेच्छाचारिता से तबादला आदेश जारी करने की पुष्टि हुई है। जांच समिति ने उनके विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सात फरवरी 2026 को जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम 2026’ के उद्घाटन पर कहा था कि शिक्षा व्यक्तिगत और सामुदायिक विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा था कि बस्तर में माओवाद का अंधेरा छंट रहा है और लोग शिक्षा को अपना हथियार बनाएं।
वहीं, क्षेत्र में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी पर सवाल उठे हैं। इधर, विभागीय लेटरहेड, सचिवालय की नकली सील और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करके 19 शिक्षकों, व्याख्याताओं, प्राध्यापकों और खेल शिक्षकों के तबादले मामले में 15 जिलों के डीईओ जांच के घेरे में हैं।
बस्तर में हुई गड़बड़ी व जांच रिपोर्ट के अनुसार, राज्य शासन द्वारा तबादलों पर रोक के बावजूद डीईओ ने सक्षम प्राधिकारी या जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बिना दर्जनों कर्मचारियों को एक संस्था से दूसरी संस्था में स्थानांतरित किया। तबादले के नाम पर अन्य संस्थाओं के रिक्त पदों के विरुद्ध वेतन आहरण की अनुमति भी दी गई, जिसे रिपोर्ट में नियमविरुद्ध बताया गया है।
मंजूरी के बिना अन्य शालाओं में पदस्थ कर वेतन आहरण की अनुमति पाने वालों में मंजू पुजारी (शिक्षक एलबी), उमेश कुमार सूर्यवंशी (सहायक शिक्षक), उषा बवेजा और शबीना डहरिया समेत 19 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। युक्तियुक्तकरण के नाम पर मनचाही जगहों पर संशोधन और पदस्थापना की गई। एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों को भेजने की प्रक्रिया के दौरान सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना कई शिक्षकों और कर्मचारियों को दूसरी संस्थाओं में अटैच किया गया।
डीईओ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर उच्च स्तरीय अनुमति के बिना फालगुनी पारगे को शासकीय हाईस्कूल बाण्डापारा में आकस्मिक निधि भृत्य (कलेक्टर दर) के पद पर काम करने की अनुमति दी। स्वामी आत्मानंद स्कूलों के प्राचार्यों को अतिरिक्त प्रभार देकर नियमविरुद्ध आहरण-संवितरण (डीडीओ) अधिकार भी सौंपे गए।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के हजारों स्वच्छता कर्मियों को बड़ी राहत, हर महीने मिलेंगे 8 हजार रुपए; आदेश जारी
बकावंड विकासखंड के सतलावंड, बिजागुड़ा, बड़े जिराखाल, बड़े तारागुड़ा और गुमडेल सहित कई गांवों के लोगों ने डीईओ कार्यालय द्वारा अवैध संलग्नीकरण की लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं। अन्य जिलों में युक्तियुक्तकरण और मनमाने अटैचमेंट की शिकायतों की जांच अभी बाकी है।
विभाग की कमियों को दूर करने पर काम किया जा रहा है। फर्जी आदेश जारी करने के मामले की जांच चल रही है और इस पर एफआईआर कराई जाएगी। - गजेंद्र यादव, मंत्री, स्कूल शिक्षा