यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Best Movie Bhulan The Maze: भूलन द मेज फिल्म ने छत्तीसगढ़ के साथ मुझे दिलाई खास पहचान
Best Movie Bhoolan The Maze: नामचीन हस्तियों को यकीं नहीं हुआ, छत्तीसगढ़ में फिल्म बनीं।
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Wed, 27 Oct 2021 09:20:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 27 Oct 2021 12:19:01 AM (IST)
उपराष्ट्रपति से पुरस्कार लेते निर्देशक मनोज वर्मा। फोटो -स्वयंBest Movie Bhoolan The Maze: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ में बनीं फिल्म भूलन द मेज को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा। फिल्म के निर्देशक मनोज वर्मा को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। रीजनल सिनेमा कैटेगरी में भूलन द मेज को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला है। समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे।
पहला मौका जब छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार
दिल्ली से पुरस्कार हासिल करने के बाद राजधानी पहुंचे निर्देशक मनोज वर्मा ने बताया कि उपराष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने की जो खुशी हो रही है, उसे कभी भूल नहीं सकता। यह मेरे जीवन की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है। इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ के साथ मुझे भी देशभर में खास पहचान दिलाई है। पुरस्कार से मुझे भविष्य में और भी बेहतर करने की प्रेरणा मिली है।
श्री वर्मा ने बताया कि समारोह की खासियत यह रही कि कई नामचीन हस्तियों को यकीं नहीं हुआ कि छत्तीसगढ़ में भी इतनी खूबसूरत फिल्म बन सकती है। सभी ने फिल्म की जमकर तारीफ की। इससे हौसला बढ़ा है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को शुरू हुए 65 साल हो गए। यह पहला मौका है जब किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह मेरे लिए गर्व, सम्मान की बात है।
अनेक पुरस्कार मिल चुके
इससे पहले इस फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल कैलिफोर्निया और कोलकाता के मेज इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, मेडिटेरियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इटली में भी सम्मानित किया जा चुका है।
कई हस्तियों ने की प्रशंसा
श्री वर्मा ने बताया कि दिल्ली में पुरस्कार समारोह में कई हस्तियों से मुलाकात हुई। अनेक राज्यों से पहुंचे फिल्म कलाकार, निर्देशकों ने आश्चर्य व्यक्त किया। फिल्म की कहानी सभी को बेहद पसंद आई। जूरी के सदस्य प्रसिद्ध अभिनेता मनोज जोशी ने फिल्म की खूब तारीफ की और बताया कि वे चाणक्य नाटक के मंचन के सिलसिले में राजधानी गए थे। छत्तीसगढ़ की आबोहवा उन्हें बहुत अच्छी लगी थी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जब भी किसी फिल्म के लिए वे उन्हें बुलाएंगे, वे अवश्य आएंगे।