नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। भारतमाला परियोजना में भू-अर्जन मुआवजे को लेकर सामने आए दस्तावेज अब बड़े संगठित खेल की ओर इशारा कर रहे हैं। अकेले नायकबांधा गांव में गांधी परिवार से जुड़े 14 मामलों में मात्र 0.4800 हेक्टेयर यानी करीब 48 डिसमिल जमीन पर 11 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा स्वीकृत किया गया। टोकरो, झांकी और मुरला गांव में भी गांधी परिवार से जुड़े दर्जनों प्रकरण सामने आए हैं, जहां भी तीन करोड़ से अधिक तक भुगतान दर्शाया गया।
15 करोड़ के मुआवजे का मामला
उपलब्ध दस्तावेजों और राशि का अध्ययन करने पर सामने आया है कि चार गांवों में गांधी परिवार और उससे जुड़े नामों पर करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का मामला बनता है, जबकि कई प्रकरणों में राशि का विवरण अब भी अप्राप्त है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अधिकांश आदेश एक ही तारीख को कैसे जारी हुए और नोटिफिकेशन के बाद जमीनों का छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजन किसके संरक्षण में हुआ।
एक ही परिवार के नाम पर कई प्रकरण
दस्तावेजों में गांधी परिवार से जुड़े सदस्यों के नाम पर अलग-अलग खसरों में भू-अर्जन दर्शाया गया है। कमला देवी गांधी, निधि गांधी और जयप्रकाश गांधी के नाम एक से अधिक मामलों में सामने आए हैं। कई मामलों में 0.03 से 0.05 हेक्टेयर तक जमीन पर 70 लाख से 1.19 करोड़ रुपये तक मुआवजा स्वीकृत हुआ।
एक ही तारीख में जारी हुए आदेश
सूची में दर्ज अधिकांश राजस्व प्रकरणों के आदेश 13 अप्रैल 2020 को जारी हुए। वहीं कुछ मामलों में 27 अप्रैल 2020 की तिथि दर्ज है। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ आदेश जारी होने को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भू-अर्जन से जुड़े कई मामलों में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
दूसरे चरण में फिर सामने आए गांधी परिवार के नाम
नायकबांधा में दूसरे चरण के भू-अर्जन में भी मुआवजे में गांधी परिवार से जुड़े नाम सामने आए हैं। नीरज कुमार गांधी और बंशीलाल गांधी के नाम पर फिर से जमीन अधिग्रहण दर्ज किया। दस्तावेजों में इन खसरों पर निरंक उल्लेखित है, लेकिन दोबारा भू-अर्जन की प्रक्रिया ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। जांच एजेंसियां अब दोनों चरणों के रिकार्ड का मिलान कर रही हैं। नायकबांधा के दस्तावेज सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियां गांधी परिवार से जुड़े सभी प्रकरणों की पड़ताल में जुट गई हैं।
गांधी परिवार से जुड़े प्रमुख भुगतान
कमला देवी गांधी- 1.79 करोड़ रुपये से अधिक
निधि गांधी- 2.63 करोड़ रुपये से अधिक
जयप्रकाश गांधी - 1.55 करोड़ रुपये से अधिक
लता गांधी-1.19 करोड़ रुपये
किरण गांधी- 1.19 करोड़ रुपये
विनय कुमार गांधी- लगभग 96 लाख रुपये
नीरज कुमार गांधी - लगभग 48 लाख रुपये
गोपाल गांधी- लगभग 48 लाख रुपये
56 लाख की जमीन पर 9.83 करोड़ का खेल, ईडी ने जयप्रकाश गांधी को भेजा जेल
मुआवजा घोटाले में ईडी ने अभनपुर निवासी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अधिग्रहित जमीन को छोटे भूखंडों में बांटकर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया। ईडी का दावा है कि जयप्रकाश गांधी ने स्वजन और कुछ लोकसेवकों के साथ 56.76 लाख रुपये मूल्य की जमीन पर करीब 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त किया। जांच में लगभग 9.27 करोड़ रुपये की अवैध आय सामने आई है। एजेंसी के अनुसार यह राशि शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश माध्यमों में लगाकर छिपाने की कोशिश की गई। ईडी ने 28 अप्रैल को कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए थे। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आरोपित को तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेजा है।