नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन ने अब कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डा. अशोक कुमार पंडा के भिलाई दौरे के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी स्थिति में जनहानि नहीं होने देने के स्पष्ट निर्देश के चार दिन बाद बुधवार को बीएसपी प्रबंधन ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। कार्रवाई कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार की ओर से की गई है।
निलंबित अधिकारियों में सिंटर प्लांट-2 के डीजीएम कमल कुमार केसवानी, एजीएम आनंद कुमार वर्मा और एसपी-3 के असिस्टेंट मैनेजर रीमिश किंडो शामिल हैं। तीनों अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को हालिया हादसों के बाद शुरू हुई जवाबदेही की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, निलंबन के आदेश में कार्रवाई के विस्तृत कारणों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
सितंबर में दो हादसे, दो की मौत
दरअसल, बीएसपी में सितंबर महीने में दो गंभीर हादसों में ठेका श्रमिकों की जान जा चुकी है। 14 सितंबर को कोक ओवन में कार्यरत ठेका श्रमिक ललित कुमार की दुर्घटना में मौत हुई थी। इसके बाद 22 सितंबर को ब्लास्ट फर्नेस-6 में कार्य के दौरान ठेका श्रमिक विनोद कुमार की जान चली गई। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।
सीएमडी ने चार दिन पहले दिया था स्पष्ट संदेश
इन्हीं घटनाओं के बीच 26 सितंबर को सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डा. अशोक कुमार पंडा भिलाई पहुंचे थे। सिविक सेंटर स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर में उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों, सुपरवाइजरों और सेफ्टी वारियर्स के साथ सीधे संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि संयंत्र में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी कर्मचारी की जान न जाए और हर कर्मचारी अपनी पाली पूरी करने के बाद सुरक्षित घर लौटे।
सुरक्षा को बनाना होगा कार्य संस्कृति
सीएमडी ने सुरक्षा को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने के लिए ‘माय एरिया, माय रिस्पॉन्सिबिलिटी’ और ‘लाइन आफ फायर’ की अवधारणा पर विशेष जोर दिया था। उन्होंने असुरक्षित कार्यप्रणाली के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाने तथा परमिट टू वर्क सहित निर्धारित सुरक्षा व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए थे।
एसएमएस-3 में अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद के दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी कर्मचारी को कोई असुरक्षित स्थिति या गतिविधि दिखाई देती है तो वह उत्पादन रोकने के लिए अधिकृत है। सीएमडी के इस सीधे संदेश के बाद अब चार दिन के भीतर तीन अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई ने प्रबंधन के बदले हुए रुख का संकेत दिया है।
अब निर्देशों के साथ जिम्मेदारी भी तय होगी
बीएसपी प्रबंधन लंबे समय से संयंत्र में ‘जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य पर जोर देता रहा है। अगस्त में बार एंड रॉड मिल में कैपिटल रिपेयर शुरू होने के दौरान कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार ने भी सुरक्षा मानकों, जोखिम आकलन, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और निर्धारित कार्यप्रणालियों के पालन को अनिवार्य बताया था।
अब तीन अधिकारियों के निलंबन के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि हादसों के बाद केवल सुरक्षा निर्देश जारी करने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में हालिया दुर्घटनाओं की जांच में और किन स्तरों पर जवाबदेही तय होती है, इस पर भी नजर रहेगी।
लगातार दुर्घटनाओं के बाद बीएसपी प्रबंधन की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।