EOW में शिकायत के बाद हरकत में आई भाजपा, छत्तीसगढ़ अल्पपसंख्यक मोर्चा के इस बड़े पदाधिकारी पर की ये कार्रवाई
जालसाजी और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे भाजपा प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के मंत्री अकबर तिगाला पर पार्टी ने कड़ा संगठनात्मक एक्शन लिया है...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 05:54:50 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 05:56:58 PM (IST)
भाजपा प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के मंत्री रहे अकबर तिगाला। - अर्काइवHighLights
- जालसाजी के गंभीर आरोपों में भाजपा नेता अकबर तिगाला पदमुक्त
- ईओडब्ल्यू में चिटफंड और डीएमएफ फंड से जुड़े लगे हैं आरोप
- पार्टी ने सात दिन के भीतर मांगा स्पष्टीकरण, निष्कासन की तलवार लटकी
रवि भूतड़ा, नईदुनिया, बालोद। बालोद जिले से जुड़े भाजपा प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के मंत्री अकबर तिगाला के खिलाफ पार्टी ने सख्त संगठनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया है। उनपर जालसाजी का आरोप है।
भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय द्वारा 16 सितंबर को जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से अकबर तिगाला के विरुद्ध जालसाजी के गंभीर आरोप सामने आए थे। पार्टी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संगठन की छवि धूमिल होने का हवाला दिया है।
सात दिनों में स्पष्ट करें अपनी भूमिका
प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश और निर्णय के आधार पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। आदेश पर प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मारकंडेय के हस्ताक्षर हैं तथा इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। साथ ही, तिगाला को सात दिवस के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्यों न उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया जाए।
ईओडब्ल्यू में शिकायत से गरमाया मामला
अकबर तिगाला के खिलाफ यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब असरार अहमद नामक शिकायतकर्ता ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तिगाला कथित रूप से चिटफंड कारोबार से जुड़े रहे हैं, लोगों से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की है और आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसके अलावा, राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पंचायत प्रतिनिधियों को प्रभावित करने और निजी फर्म के नाम पर बिना काम किए अग्रिम भुगतान लेने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
डीएमएफ और लेटरहेड के दुरुपयोग का जिन्न बाहर
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ है कि डीएमएफ मद से काम दिलाने का भरोसा देकर विभिन्न जिलों के ठेकेदारों से कथित तौर पर एडवांस कमीशन वसूला गया। जब काम नहीं मिला और पैसे लौटाने की बारी आई, तो दिए गए चेक बाउंस हो गए। इसके अतिरिक्त, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के नाम व आधिकारिक लेटरहेड के कथित दुरुपयोग के संगीन आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
अब आगे क्या?
पार्टी द्वारा सात दिन की समय-सीमा तय किए जाने के बाद अब सबकी निगाहें अकबर तिगाला के जवाब पर टिकी हैं। हालांकि, राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जल्द ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निष्कासित किया जा सकता है।