
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया. रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (बोरियाकला) में कहा कि राहुल गांधी दिमागी माओवादी है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य हमेशा से समाज में आपसी फूट डालना और सत्ता हासिल कर उसकी लूट करना रहा है।
उन्होंने कांग्रेस और विशेषकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। डॉ. त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ चुका है। एक तरफ कांग्रेस नेता चुनावों और चुनाव प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम मशीनों पर लगातार सवाल खड़े करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ एसआईआर में गड़बड़ी का मुद्दा उठाकर अनावश्यक भ्रम फैलाते हैं। राहुल गांधी की कार्यशैली और बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार और आचरण दिमागी माओवादी जैसा प्रतीत होता है।
एक तरफ जहां भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के खिलाफ सियासी हमले तेज किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक और वरिष्ठ नेता दिल्ली की ओर रवाना हुए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले एक बड़े धरने और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेताओं ने विमान, सड़क और रेल मार्गों का सहारा लिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत विशेष रूप से विमान के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके साथ कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए निकले।

दिल्ली जाने वाले कांग्रेस नेताओं के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था को लेकर भी बयानबाजी सामने आई। कांग्रेस नेता श्रीकुमार मेनन ने मीडिया से चर्चा करते हुए खुलासा किया कि पार्टी ने दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए रेलवे से एक विशेष ट्रेन मुहैया कराने की मांग की थी। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से वह विशेष ट्रेन उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते कांग्रेस नेताओं को वैकल्पिक व्यवस्थाओं जैसे विमान, नियमित ट्रेनों और सड़क मार्ग से दिल्ली की यात्रा करनी पड़ी। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने में जुटे रहे।
इस दोहरी हलचल ने छत्तीसगढ़ की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। एक तरफ भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के वैचारिक आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के तेवर भी केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होने की पूरी संभावना है।