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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी

छत्तीसगढ़ में हुए 550 करोड़ के डीएमएफ घोटाला मामले में ईडी ने जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों और एक वरिष्ठ आइएएस...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 12 Sep 2025 10:52:42 AM (IST)Updated Date: Fri, 12 Sep 2025 11:00:44 AM (IST)
CG DMF Scam: मंत्रालय तक पहुंची जांच की आंच, ED के राडार पर अधिकारी और कारोबारी
DMF घोटाले की जांच में तेजी

HighLights

  1. कृषि विभाग के पूर्व निदेशकों और एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी से पूछताछ
  2. भुगतान दस्तावेजों की जांच जारी, जल्द ही हो सकता है और बड़ा राजफाश
  3. डीएमएफ मद से खरीदी गई कृषि सामग्रियों में भारी गड़बड़ी किए गए

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान) फंड से कृषि यंत्रों की खरीदी में हुए 550 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच की आंच अब मंत्रालय तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कृषि विभाग के तीन पूर्व निदेशकों और एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी से दो दिन तक लगातार पूछताछ की है। फाइलों और भुगतान दस्तावेजों की जांच जारी है, जिससे जल्द ही और बड़े राजफाश की उम्मीद है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही घोटाले से जुड़े अफसरों के साथ ही कारोबारियों की गिरफ्तारी होगी।

ईडी की जांच में सामने आया है कि डीएमएफ मद से खरीदी गई कृषि सामग्रियों में भारी गड़बड़ी कर 600 करोड़ तक कमीशन का बंदरबांट किया गया। जांच एजेंसी ने राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम से जुड़े ठेकेदारों, सप्लायरों, बिचौलियों के साथ होटल मालिक, सीए, सराफा और दवा कारोबारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।


अब तक 28 ठिकानों पर छापेमारी

अब तक की जांच में ईडी ने 28 स्थानों पर छापेमारी कर चार करोड़ रुपये, 10 किलो चांदी के जेवर और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पहले 21.47 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी है। एजेंसी के राडार पर फिलहाल छह आइएएस और 25 से अधिक सप्लायर हैं।

500-600 करोड़ कमीशन बांटने की आशंका

इस घोटाले की शुरुआत कोरबा जिले से मानी जा रही है, जहां वित्तीय वर्ष 2022-23 तक 2,000 करोड़ रुपये की डीएमएफ राशि प्राप्त हुई। इसमें से करीब 500-600 करोड़ रुपये केवल कमीशन के रूप में बंटने की आशंका जताई जा रही है। कृषि उपकरणों के अलावा निर्माण कार्य और खेल सामग्री की खरीदी में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों की माने तो जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल कृषि विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारियों को पूछताछ के दायरे में लाया गया है।