
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण लगातार बना हुआ है। सोमवार को रायपुर जिले में स्वाइन फ्लू का एक नया मरीज मिला है। इसके साथ ही इस साल जिले में अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 32 हो गई है। इनमें से 26 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि छह मरीज अभी सक्रिय हैं और उनका उपचार चल रहा है।
बारिश और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों में सामान्य तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसे लक्षण होने के कारण लोग इसे हल्के में लेते हैं। ऐसे में लक्षण लंबे समय तक बने रहने या सांस लेने में परेशानी होने पर जांच और चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
डॉ. निलय मोझरकर ने बताया कि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे सामान्य वायरल मानकर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें, हाथों की नियमित सफाई करने और खांसी-जुकाम होने पर मास्क का उपयोग करें। संक्रमित व्यक्ति को भी दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
मौसम में लगातार बदलाव और बारिश के चलते वायरल संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण आम वायरल बुखार जैसे ही होते हैं, जिस वजह से लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं।