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Cement Sariya Rate: सीमेंट 380 रुपये बोरी, रेत और सरिये के रेट भी बढ़े; अपना घर बनाना हुआ महंगा

रायपुर में मानसून के दौरान निर्माण कार्य सुस्त पड़ गया है। सीमेंट, सरिया और रेत की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से मकान निर्माण महंगा हो गया है और आम लोग प...और पढ़ें

By Saurab MishraEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 03 Jul 2026 10:19:35 AM (IST)Updated Date: Fri, 03 Jul 2026 10:19:35 AM (IST)
Cement Sariya Rate: सीमेंट 380 रुपये बोरी, रेत और सरिये के रेट भी बढ़े; अपना घर बनाना हुआ महंगा
मानसून के दौरान भवन निर्माण करना महंगा हुआ। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. सीमेंट, सरिया और रेत हुए महंगे।
  2. रेत की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल।
  3. निर्माण कार्यों की रफ्तार आधी हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मानसून के दौरान भवन निर्माण की रफ्तार इस बार आधी रह गई है, लेकिन निर्माण सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीमेंट, सरिया और रेत के दाम में अचानक आई तेजी से आम लोगों से लेकर बड़े बिल्डर तक परेशान हैं।

पिछले साल बारिश के मौसम में 260 से 280 रुपये बोरी मिलने वाली सीमेंट अब 380 रुपये तक पहुंच गई है। जबकि ब्रांडेड सीमेंट 310 से 320 रुपये बोरी बिक रही है। मांग कम होने के बावजूद 8 एमएम सरिया 80 और 10 से 12 एमएम सरिया 91 रुपये किलो तक बिक रहा है।


रेत की कीमतों में आया भारी उछाल

  • रेत की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है। एक महीने पहले 10 से 11 हजार रुपये में मिलने वाली 600 फीट रेत अब 19 से 21 हजार रुपये तक पहुंच गई है। जबकि मीडियम और बारीक रेत 25 हजार रुपये तक बिक रही है।
  • महंगी सामग्री और बारिश के कारण बिल्डरों ने कई प्रोजेक्ट की गति धीमी कर दी है। घर बनवा रहे लोग भी मजदूरों की संख्या घटाकर कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में जून में 66.50 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य 193.5 मिमी से काफी कम रही।

सिंडीकेट और डंपिंग से बढ़ी रेत की कीमत

  • रेत आपूर्तिकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा डंप की अनुमति मिलने के बाद ठेकेदारों ने मनमानी शुरू कर दी है। डंप से एक गाड़ी लोड करने के लिए 5,000 से 6,000 रुपए तक अलग से वसूले जा रहे हैं। इसके बाद डीजल, मजदूरी और परिवहन खर्च जुड़ने से एक हाईवा रेत की कीमत 20 हजार रुपये तक पहुंच रही है।
  • आपूर्तिकर्ताओं का दावा है कि नियमानुसार लोडिंग हो तो यही रेत 7,000 से 8,000 रुपये में उपलब्ध हो सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों से छोटे मकान निर्माण प्रभावित हो रहे हैं।

ठेके पर निर्माण भी महंगा

  • भवन निर्माण में मजदूरी का खर्च भी तेजी से बढ़ा है। लोग अब दैनिक मजदूरी की बजाय ठेके पर काम देना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। केवल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए ठेकेदार 1,100 से 1,200 रुपये प्रति वर्गफीट तक वसूल रहे हैं।
  • इसके अलावा इलेक्ट्रिक फिटिंग, सेनेटरी, टाइल्स और पीओपी के लिए 200 से 400 रुपये प्रति वर्गफीट अतिरिक्त देना पड़ रहा है। इस तरह सामान्य मकान निर्माण की कुल लागत 1,600 से 1,800 रुपये प्रति वर्गफीट तक पहुंच गई है। इससे मध्यम वर्ग के लोगों का बजट बिगड़ रहा है।

नदियों से रात में हो रही अवैध लोडिंग

  • बारिश के कारण 16 अक्टूबर तक सभी अधिकृत रेत घाटों में खनन बंद है। लेकिन कई जगहों पर नदियों से अवैध उत्खनन जारी है। रायपुर के कुरुद, कुटेला और धमतरी-महासमुंद क्षेत्र के घाटों में रात के समय मशीनों से सीधे गाड़ियों में रेत भरी जा रही हैं।

  • एक गाड़ी लोड करने के लिए 8,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। बिना पीट पास के परिवहन होने से शासन को राजस्व नुकसान भी हो रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
  • फैक्ट फाइल

    • 380 रुपये बोरी – सामान्य सीमेंट की अधिकतम कीमत
    • 310-320 रुपये बोरी – ब्रांडेड सीमेंट की मौजूदा कीमत
    • 260-280 रुपये बोरी – पिछले वर्ष बारिश के दौरान सीमेंट की कीमत
    • 80 रुपये किलो – 8 एमएम सरिया का भाव
    • 91 रुपये किलो – 10–12 एमएम सरिया का भाव
    • 19,000-21,000 रुपये – 600 फीट रेत (हाईवा) की मौजूदा कीमत
    • 25,000 रुपये – मीडियम और बारीक रेत की अधिकतम कीमत
    • 1,100-1,200 रुपये वर्गफीट – इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की ठेका लागत

    कीमतें बढ़ने से निर्माण में आ रही मुश्किलें

    बारिश के मौसम में काम अपने आप 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है, लेकिन इस बार निर्माण सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ने से स्थिति और मुश्किल हो गई है। सबसे ज्यादा असर रेत की कीमतों ने डाला है। सीमेंट और सरिया भी महंगे हैं, इसलिए कई लोग नए मकान का काम फिलहाल टाल रहे हैं। जब तक सामग्री के दाम नियंत्रित नहीं होंगे, निर्माण लागत कम होना मुश्किल है। दीपक अग्रवाल, भवन निर्माण ठेकेदार, रायपुर

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