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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोल ब्लाक की नीलामी के लिए केंद्र सरकार बना रही दबाव: चौबे

कृषि मंत्री ने लगाया आरोप, बोले- राज्य सरकार सोच-समझकर ही फैसला लेगी। बोले- सीएम ने कुछ कोल ब्लाक की नीलामी को लेकर आपत्ति की है।

By Shashank.bajpaiEdited By: Shashank.bajpai
Publish Date: Fri, 24 Sep 2021 10:02:00 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Sep 2021 10:02:04 AM (IST)
कोल ब्लाक की नीलामी के लिए केंद्र सरकार बना रही दबाव: चौबे

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। कोयला और लौह अयस्क खदानों की नीलामी को लेकर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोल ब्लाक नीलामी के लिए दबाव बना रही है, लेकिन राज्य सरकार इस मामले में सोच-समझकर फैसला लेगी। उन्होंने बताया कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुछ कोल ब्लाक की नीलामी को लेकर आपत्ति की है।

राजधानी में गुरुवार को मीडिया से चर्चा के दौरान चौबे बैलाडीला की लौह अयस्क खदानों को निजी हाथों में देने को लेकर किए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आयरन ओर और कोल ब्लाक के संबंध में केंद्र सरकार लगातार पत्र लिख रही है। उन्होंने कहा कि अब इसे पत्र व्यवहार कहें या दबाव बनाने की बात कहें। उन्होंने कहा कि यह पहले ही तय हो चुका है कि भिलाई स्टील प्लांट की जरूरत के बाद बाकी बचे खदान की नीलामी की कोई बात हो सकती है।


अक्टूबर के पहले सप्ताह में दिल्ली जाएंगे मुख्यमंत्री

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री चौबे ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ आने की सहमति दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल अक्टूबर में दिल्ली जाएंगे। वहां राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर तैयारियों की उन्हें जानकारी दे सकते हैं। चौबे ने कहा कि बस्तर, सरगुजा और मैदानी इलाकों में किसानों से राहुल गांधी की मुलाकात कराने की तैयारी है।

तीन जिलों की सीमा पर सिमटकर रह गए नक्सली

नक्सलवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर चौबे ने कहा कि पहले नक्सली समानांतर सरकार चला रहे थे। हमारी सरकार के ढाई-तीन साल के कार्यकाल में नक्सली कोंटा, बीजापुर और नारायणपुर के किनारे सिमटकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में अधोसंरचना विकास समेत अन्य विकास कार्यों का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर में विकास कार्य तेजी से करना चाह रही है। यह देखना है कि इसमें केंद्र सरकार क्या सहयोग कर सकती है।