
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर में 104 आरोग्य सेवा की सांसें टेंडर और अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया में उलझ कर अटक गई हैं। पिछले 14 महीने से यह हेल्पलाइन पूरी तरह बंद है। संचालन बंद होने के पीछे बजट और अनुबंध का एक्सटेंशन नहीं मिलना प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
अब मरीजों को फोन पर मिलने वाली स्वास्थ्य सलाह, गर्भवती को परामर्श, आयुष्मान योजना की जानकारी और अस्पतालों से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सलाह लेने के लिए अब अस्पताल आना पड़ रहा है।
इस हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 400 से 500 इनकमिंग कॉल आती थीं। इनमें लोग बीमारी के शुरुआती लक्षण, प्राथमिक उपचार, दवाओं के सामान्य उपयोग और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर सलाह लेते थे। काल सेंटर की टीम प्रतिदिन करीब 2000 आउटगोइंग कॉल भी करती थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रोगियों का फॉलोअप लिया जाता था। कुल मिलाकर रोजाना करीब 2500 से अधिक लोगों से स्वास्थ्य संबंधी संवाद होता था। अब यह पूरी व्यवस्था बंद है।
जेन प्लस कंपनी 2022 से 104 आरोग्य सेवा का संचालन कर रही थी। अनुबंध अक्टूबर 2025 में समाप्त हुआ। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को काम जारी रखने के लिए मौखिक रूप से कहा, लेकिन नया लिखित एक्सटेंशन नहीं दिया गया। कंपनी को पिछले कई महीनों से भुगतान भी नहीं मिला। बजट और अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कंपनी ने संचालन बंद कर दिया। जून में ही कंपनी ने कर्मचारियों को क्लोजर लेटर जारी कर दिया था। इसके बाद से सेवा पूरी तरह ठप है।
यह हेल्पलाइन गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, आयुष्मान योजना सहित सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी और अस्पतालों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में भी सहायता करती थी। सेवा बंद होने से गर्भवतियों को परामर्श और आम लोगों को योजनाओं की जानकारी नहीं मिल रही है। मरीजों को अब छोटी-छोटी सलाह के लिए भी अस्पताल जाना पड़ रहा है।
जिस कंपनी के पास इसका टेंडर था, वह पिछले साल ही खत्म हो गया था। कुछ माह वह एक्सटेंशन पर चला। अब शासन से मार्गदर्शन लेकर आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
डॉ. भेनुज सिन्हा, प्रभारी उपसंचालक