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छत्तीसगढ़ में 108 उत्कृष्ट स्कूलों की योजना कागजों में अटकी, 100 करोड़ बजट के बाद भी काम शुरू नहीं

रायपुर के 8 चयनित स्कूलों में पढ़ने वाले 5665 विद्यार्थी अब भी पुराने ढर्रे पर पढ़ाई को मजबूर हैं।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 08:14:21 AM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 08:14:21 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में 108 उत्कृष्ट स्कूलों की योजना कागजों में अटकी, 100 करोड़ बजट के बाद भी काम शुरू नहीं
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल योजना कागज पर 108 उत्कृष्ट स्कूल, जमीन पर काम शून्य (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. रायपुर के 8 स्कूलों का चयन सिर्फ सूची तक सीमित
  2. 5665 छात्रों को आधुनिक लैब-लाइब्रेरी का इंतजार
  3. स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूलों में स्मार्ट क्लास का इंतजार

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के हर ब्लाक में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल विकसित करने की योजना फिलहाल कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी है।

शासन ने प्रदेशभर में 108 स्कूलों का चयन तो कर लिया है, लेकिन चयनित स्कूलों में अब तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ है। खास बात यह है कि इन्हीं स्कूलों को इसी सत्र से आधुनिक बनाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया गया है। बावजूद इसके विद्यार्थी अब भी पुराने ढर्रे पर ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

क्या मिलनी थीं सुविधाएं?

योजना के तहत चयनित स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं। उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। लेकिन सत्र शुरू होने के महीनों बाद भी योजना की रफ्तार जमीन पर नजर नहीं आ रही है। ऐसे में बजट प्रविधान और स्कूलों के चयन के बावजूद विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के लिए अभी इंतजार करना पड़ रहा है।


रायपुर के आठ स्कूल भी चयन तक सीमित

रायपुर जिले में आठ स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें धरसींवा ब्लाक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला देवरी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मठपुरैना, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संजय नगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डब्ल्यूआरएस कालोनी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पं. रविशंकर परिसर शामिल हैं। इसी तरह आरंग ब्लाक से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंडारपुरी, अभनपुर ब्लाक से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोंड और तिल्दा ब्लाक से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरोरा का चयन किया गया है।

हजारों छात्रों को इंतजार

चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या भी काफी अधिक है। देवरी में 565, मठपुरैना में 1,175, संजय नगर में 986, डब्ल्यूआरएस कालोनी में 786, पं. रविशंकर परिसर में 446, भंडारपुरी में 551, पोंड में 446 और सरोरा में 710 विद्यार्थी दर्ज हैं। यानी इन स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को योजना के तहत मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं का इंतजार है।

बजट है, पर प्रक्रिया सुस्त

बजट में 100 करोड़ का प्रविधान लेकिन सुविधाएं कब मिलेंगी? सरकार ने योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है। ऐसे में स्कूलों का चयन कर सूची तैयार करने के बाद भी काम शुरू नहीं होना योजना की क्रियान्वयन गति पर सवाल खड़े करता है।

समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अरुण शर्मा के अनुसार चयनित स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। इसके साथ ही स्कूलों में रिक्त पदों और भवनों की स्थिति से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। अब आगे की प्रक्रिया शिक्षा विभाग स्तर पर होनी है। सवाल यह है कि जब इसी सत्र से स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है तो अब तक कार्ययोजना और निर्माण-उन्नयन का काम जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।