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CG Police Promotion: छत्तीसगढ़ पुलिस में तीन नए स्पेशल डीजी पदों को मंजूरी, प्रमोशन की दौड़ में ये नाम शामिल

राज्य पुलिस में तीन नए विशेष पुलिस महानिदेशक पदों को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारियों की पदोन्नति की हलचल तेज हो गई है।

By Satish PandeyEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 19 Oct 2026 03:21:43 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Oct 2026 03:21:43 PM (IST)
CG Police Promotion: छत्तीसगढ़ पुलिस में तीन नए स्पेशल डीजी पदों को मंजूरी, प्रमोशन की दौड़ में ये नाम शामिल
कैबिनेट ने दी तीन स्पेशल डीजी पदों को स्वीकृति

HighLights

  1. DGP पैनल के समीकरण पर पड़ेगा असर
  2. 2018 में अतिरिक्त DG पद निरस्त हुए थे
  3. SPS अफसरों ने 60 IPS पद बढ़ाने की मांग की

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य पुलिस में तीन नए विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजी) पदों को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर हलचल तेज हो गई है। पदों के सृजन और नियुक्ति की प्रक्रिया का असर आने वाले समय में डीजीपी पैनल के समीकरण पर भी पड़ सकता है।

पदोन्नति की दौड़ में ये नाम शामिल

स्पेशल डीजी की पदोन्नति की दौड़ में 1994 बैच के एसआरपी कल्लूरी, 1995 बैच के प्रदीप गुप्ता और 1996 बैच के विवेकानंद सिन्हा के नाम शामिल हैं। तीनों अधिकारी वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) स्तर पर पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। नए पदों से वरिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नति का अवसर मिलने के साथ पुलिस मुख्यालय में शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की संभावना भी है।


डीजीपी पैनल पर होगा असर

राज्य में डीजी स्तर के अतिरिक्त पदों के सृजन का मुद्दा पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2018 में बनाए गए तीन अतिरिक्त डीजी स्तर के पदों और उन पर हुई पदोन्नतियों को बाद में निरस्त कर दिया गया था। इस पुराने घटनाक्रम के कारण नए पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में नियमों और केंद्र की सहमति का सवाल अहम हो गया है।

तीनों अधिकारियों की पदोन्नति से वरिष्ठता और भविष्य में डीजीपी चयन के लिए उपलब्ध अधिकारियों के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि डीजीपी पैनल पर वास्तविक असर नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

23 साल बाद भी IPS अवार्ड नहीं

राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में पदोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वर्ष 2004-05 बैच के करीब दस डीएसपी लंबे समय से आईपीएस बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं वर्ष 2002 बैच के अधिकारियों को करीब 23 साल की सेवा के बाद हाल ही में आईपीएस अवार्ड हुआ है।

राज्य में फिलहाल 153 आईपीएस पद स्वीकृत हैं। नए जिलों के गठन के बावजूद कैडर की समीक्षा नहीं होने से पदोन्नति के अवसर सीमित हैं। इससे नाराज अधिकारियों ने सरकार को पत्र लिखकर कैडर रिव्यू कराने और कम से कम 60 आईपीएस पद बढ़ाने की मांग की है।

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