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वॉट्सऐप पर आई फाइल को सोच-समझकर खोलना, रायपुर में बिजनेसमैन का अकाउंट हुआ खाली

रायपुर के लाभांडी निवासी कारोबारी तनुज अग्रवाल को व्हाट्सएप पर आई एक अनजान APK फाइल ने 4.15 लाख रुपये का चूना लगा दिया।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 12:21:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 12:21:54 PM (IST)
वॉट्सऐप पर आई फाइल को सोच-समझकर खोलना, रायपुर में बिजनेसमैन का अकाउंट हुआ खाली
रायपुर में व्हाट्सएप APK फाइल से 4.15 लाख की ठगी (AI Generated Image)

HighLights

  1. लाभांडी के कारोबारी तनुज अग्रवाल बने शिकार
  2. ऑटो डाउनलोड से मोबाइल में इंस्टॉल हुई फाइल
  3. क्रेडिट कार्ड से 70 हजार, खाते से 3.45 लाख पार

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। व्हाट्सएप पर आई एक अनजान एप फाइल ने लाभांडी के एक कारोबारी को 4 लाख 15 हजार रुपये का चूना लगा दिया। कारोबारी के मोबाइल में फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई और महज तीन घंटों के भीतर उनके दो बैंक खातों से पूरी रकम निकाल ली गई। मामले की शिकायत साइबर पोर्टल और खम्हारडीह थाने में दर्ज कराई गई है।

कौन हैं पीड़ित और कैसे हुई ठगी

रहेजा रेसीडेंसी, लाभांडी निवासी तनुज अग्रवाल (35) थोक कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर को उनके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए एक एप फाइल भेजी गई थी। उनके मोबाइल में व्हाट्सएप पर फाइल ऑटो डाउनलोड होने की सेटिंग चालू थी। इसी वजह से अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई फाइल खुद-ब-खुद उनके मोबाइल में डाउनलोड हो गई।


तीन घंटे में खाते से गायब हुई रकम

पुलिस के अनुसार फाइल डाउनलोड होने के बाद 12 सितंबर को सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। ठगों ने सबसे पहले उनके बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से 69,998 रुपये 97 पैसे निकाल लिए। इसके बाद उनके यूनियन बैंक के चालू खाते को निशाना बनाया और यूपीआई के जरिए 3,45,530 रुपये 95 पैसे ट्रांसफर कर लिए। इस तरह कुल 4,15,529 रुपये 92 पैसे की ठगी हुई।

कारोबारी को जब बैंक खाते से रकम निकलने के मैसेज मिले तो उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराई।

दो जगह शिकायत, पुलिस कर रही जांच

कारोबारी ने साइबर अपराध पोर्टल पर इस संबंध में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके बाद 17 सितंबर को उन्होंने खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है। साथ ही मोबाइल में डाउनलोड हुई संदिग्ध एप फाइल और उसके जरिए मोबाइल में हुई गतिविधियों की भी तकनीकी जांच की जा रही है।

अनजान फाइल से कैसे बचें, पुलिस ने दी सलाह

पुलिस साइबर ठगी के ऐसे मामलों को लेकर लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि व्हाट्सएप पर किसी भी अनजान नंबर से भेजी गई APK या एप फाइल को कभी डाउनलोड नहीं करना चाहिए।

अक्सर ठग बैंक, केवाईसी अपडेट, नौकरी, इनाम या बिजली बिल के नाम पर फाइलें भेजते हैं। ऐसी किसी भी फाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। अपने मोबाइल में व्हाट्सएप की ऑटो डाउनलोड सेटिंग को बंद रखना ज्यादा सुरक्षित है।

यदि गलती से कोई अनजान एप डाउनलोड हो जाए तो तुरंत अपने बैंक खातों की गतिविधियों पर नजर रखें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।