
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया, रायपुर: राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार अब छोटे विक्रेताओं और पैडलरों तक सीमित कार्रवाई के बजाय पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी कर रही है। मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
नशे से अर्जित संपत्ति कुर्क होगी, तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसात और नीलामी की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही, 31 दिसंबर 2026 तक छह माह से अधिक पुराने जब्त नशीले पदार्थों को नष्टीकरण किया जाएगा।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल प्राथमिकी दर्ज करने और छोटे आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक मामले में नशे के स्रोत से लेकर अंतिम विक्रेता तक की पूरी सप्लाई चेन खंगाली जाए।
शर्मा ने नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर एनडीपीएस एक्ट और सफेमा के तहत नियमानुसार कुर्की व जब्ती की कार्रवाई तेज करने को कहा। अवैध कमाई और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों की विशेष समिति गठित की जाएगी। तस्करी में इस्तेमाल वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी के पात्र मामलों को अगले तीन माह में प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
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