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छत्तीसगढ़ में राजस्व के पुराने कागज अब डिजिटल होंगे, 33 जिलों में वसुंधरा प्रोजेक्ट से ऑनलाइन मिलेगी कॉपी

छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 को लागू करने के लिए 90 दिन का खास प्लान बनाया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 08:29:36 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 08:29:36 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में राजस्व के पुराने कागज अब डिजिटल होंगे, 33 जिलों में वसुंधरा प्रोजेक्ट से ऑनलाइन मिलेगी कॉपी
छत्तीसगढ़ में बिजनेस करना होगा आसान

HighLights

  1. बिजनेस एक्ट के लिए 90 दिन का प्लान तैयार
  2. 43 सेवाओं, 9 एक्ट और 8 विभागों की समीक्षा
  3. समय पर सर्टिफिकेट नहीं तो ऑटो अप्रूवल मिलेगा

राज्य ब्यूरो, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजनेस करना आसान बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ईज आफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 को सही तरीके से लागू करने के लिए 90 दिन का खास प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बड़ी बैठक में इस पर फैसला लिया गया।

43 सेवाओं की होगी समीक्षा, देरी पर लगेगा जुर्माना

बैठक में एक्ट के तहत आने वाली 43 सेवाओं, 9 सरकारी एक्ट और 8 विभागों की एक-एक करके समीक्षा करने का फैसला हुआ। इसमें सबसे अहम बात ये रही कि अगर तय समय में सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ तो डीम्ड अप्रूवल यानी अपने आप मंजूरी मिल गई मानी जाएगी।


अगर देरी होती है तो नियम के हिसाब से जुर्माना भी लगाया जाएगा। हर विभाग की सेवाओं की रोज समीक्षा होगी और हर तीन महीने में निगरानी की जाएगी। 27 अगस्त से शुरू हुई इस योजना के तहत नोडल विभाग तय करने और काम करने का तरीका यानी SOP जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन स्तर पर होगी निगरानी

एक्ट को लागू करने के लिए तीन स्तर पर निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स काउंसिल, कामकाज के स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति और जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सशक्त समिति निगरानी करेगी।

अब राजस्व के कागज होंगे डिजिटल, 33 जिलों में लागू होगा प्रोजेक्ट

नागरिक सेवाओं को आसान, साफ और तेज बनाने के लिए वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत बड़े स्तर पर डिजिटलीकरण शुरू किया गया है। पहले चरण में कुछ जिलों के राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल किए जाएंगे। इसके बाद इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू किया जाएगा। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि नामांतरण समेत राजस्व की सभी प्रक्रियाओं में एक जैसा तरीका होना चाहिए और कागजों को ठीक से संभाल कर रखना जरूरी है।

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इस प्रोजेक्ट में अधिकार अभिलेख पंजी, मिसल, निस्तार पत्रक, खसरा, राजस्व कोर्ट के आदेश, गांव के नक्शे, संशोधन पंजी, 2020 से पहले के खसरा पंचशाला रिकॉर्ड और किश्तबंदी खतौनी की स्कैनिंग और डाटा एंट्री होगी। डिजिटल रिकॉर्ड को सेवा सेतु पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, फीस जमा कर सकेंगे, सर्टिफाइड डिजिटल कॉपी ले सकेंगे और अपने आवेदन का स्टेटस भी देख सकेंगे। बारकोड, OCR और AI वाली सर्च तकनीक से पुराने हाथ से लिखे कागज भी आसानी से खोजे जा सकेंगे।