
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में जांच के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने पर सिलयारी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह कार्रवाई की है। पिछले कई दिनों से इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) की ओर से जारी आदेश के अनुसार चौकी सिलयारी, थाना धरसींवा के अपराध क्रमांक 207/26, धारा 137(2) BNS के तहत दर्ज मामले की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद उपनिरीक्षक जितेंद्र दुबे के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध रखा जाएगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
यह आदेश 7 जून को एसपी ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी किया गया। आदेश क्रमांक पुअ/राय/ग्रा./स्टेनो/98/2026 की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं यातायात, उप पुलिस अधीक्षक माना सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
वहीं थाना प्रभारी धरसींवा को निर्देश दिए गए हैं कि निलंबित उपनिरीक्षक को आदेश की जानकारी देकर तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए।
इस मामले को लेकर भाजपा ने भी लगातार आवाज उठाई थी। पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश अग्रवाल ने पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की थी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसपी ग्रामीण से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी थी।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी मामले को लेकर धरसींवा और आसपास के क्षेत्रों में आंदोलन चलाया। पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, उधोराम वर्मा, पीसीसी कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल, दुर्गेश वर्मा और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने माना सीएसपी को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी थी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 9 जून को चक्काजाम किया जाएगा।
सिलयारी चौकी प्रभारी के निलंबन को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि पीड़िता को न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए लोगों की निगाहें अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।